Saturday, Oct 17

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श्री कल्कि धाम में आचार्य प्रमोद कृष्णम् की नौ दिवसीय मौन साधना, 19 अक्टूबर को होगा समापन

Acharya Pramod Krishnam Silent Meditation: उत्तर प्रदेश के संभल स्थित श्री कल्कि धाम में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर श्री श्री 1008 श्रीमद्जगद्गुरु श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् जी महाराज नौ दिवसीय कठिन अखंड मौन साधना कर रहे हैं। 11 से 19 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली इस साधना का उद्देश्य लोक-कल्याण और श्री कल्कि धाम के भव्य निर्माण का संकल्प है। आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने नवरात्रि के पावन अवसर पर मौन व्रत धारण किया है। सनातन परंपरा में मौन को मानसिक ऊर्जा संचित करने और अंतर्मुखी साधना का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। इस दौरान आचार्य जी अपनी साधना में लीन हैं। उनके इस नौ दिवसीय मौन व्रत को श्रद्धा और तपस्या से जुड़ा विशेष अनुष्ठान माना जा रहा है।

श्री कल्कि धाम में प्रतिदिन हो रहे विशेष धार्मिक आयोजन

नवरात्रि के दौरान श्री कल्कि धाम में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह विशेष यज्ञ के साथ अनुष्ठानों की शुरुआत होती है। इसके बाद दोपहर 4 बजे से शाम 5 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए गुरु दर्शन का समय निर्धारित है। शाम 5 बजे से 6 बजे तक सामूहिक संकीर्तन हो रहा है। इसके बाद शाम 6 बजे भव्य संध्या महाआरती आयोजित की जा रही है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालु नवरात्रि के धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं।

18 अक्टूबर को होगी माता रानी की भव्य चौकी

श्री कल्कि धाम में 18 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजे माता रानी की भव्य चौकी का आयोजन किया जाएगा। नवरात्रि के अंतिम दिनों में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं।

19 अक्टूबर को महायज्ञ की पूर्णाहुति और कन्या पूजन

आचार्य प्रमोद कृष्णम् की नौ दिवसीय अखंड मौन साधना का समापन 19 अक्टूबर 2026 को होगा। इस दिन सुबह 9 बजे महायज्ञ की पूर्णाहुति की जाएगी। इसके बाद सुबह 10 बजे कन्या पूजन का आयोजन होगा। इसी के साथ आचार्य जी के मौन व्रत का विधिपूर्वक समापन किया जाएगा।

लोक-कल्याण और धाम निर्माण के संकल्प के साथ साधना

आचार्य प्रमोद कृष्णम् की यह साधना लोक-कल्याण और श्री कल्कि धाम के भव्य निर्माण के संकल्प से जुड़ी है। नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मौन रहकर साधना करना उनके धार्मिक अनुष्ठान का प्रमुख हिस्सा है। माता रानी की आराधना में लीन रहकर की जा रही यह तपस्या श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का विषय है। श्री कल्कि धाम में नवरात्रि के दौरान आयोजित यज्ञ, संकीर्तन, महाआरती, माता रानी की चौकी और कन्या पूजन जैसे कार्यक्रम इस धार्मिक आयोजन के प्रमुख आकर्षण हैं।

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