Akhilesh Yadav Ayodhya Challenge: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने दो दिवसीय अयोध्या दौरे के दौरान भागवत कथा में हिस्सा लिया और संतों से आशीर्वाद लिया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सत्तारूढ़ BJP को खुली चुनौती दी। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि BJP को अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा, “हिम्मत है तो मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर देख लें।”
भागवत कथा और PDA का किया जिक्र
अखिलेश ने कहा कि भागवत कथा सत्ता, जाति, ऊंच-नीच और छुआछूत जैसे बंधनों से मुक्त होना सिखाती है। भगवान राम और कृष्ण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रेम ही परमार्थ है और शासन की पहली शर्त इंसानियत है। उन्होंने कहा कि कृष्ण द्वारा सुदामा को मित्र बनाना PDA और सामाजिक न्याय की प्रेरणा देता है। सत्ता का सुदर्शन चक्र जनता को डराने के लिए नहीं, बल्कि सज्जनों की सुरक्षा के लिए होना चाहिए।
चुनाव आयोग और प्रशासन पर भी निशाना
अखिलेश ने चुनाव आयोग और प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य छल से नहीं, न्याय और मानवता से चलता है। उन्होंने दावा किया कि इस बार अयोध्या की जनता “दूध का दूध और पानी का पानी” कर देगी। उन्होंने कहा कि प्रेम न रखने वालों का अंत कंस की तरह तय है और संविधान व भाईचारे को बचाना सबसे जरूरी है।
महिलाओं को 40 हजार रुपये देने का वादा
अखिलेश ने कहा कि भविष्य में माताओं-बहनों को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने वादा किया कि समाजवादी सरकार बनने पर भेदभाव नहीं होगा और किसी की दुकान या मकान उजाड़ा नहीं जाएगा। साथ ही, अयोध्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करने के लिए विकास को गति देने की बात कही।
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