Amit Shah: पंजाब में नशे के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर निशाना साधा, तो मान ने भी पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर पंजाब सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने और नशे के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। इस बीच, अमित शाह ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले तीन लोगों के परिवारों से मुलाकात की। वहीं, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
अमित शाह ने मान सरकार पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब दौरे पर मानसा पहुंचे, जहां उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात की। शाह ने पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग भी सुरक्षित नहीं हैं। शाह ने पंजाब सहित पूरे देश को नशामुक्त बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
भगवंत मान का पलटवार, बीजेपी पर लगाए आरोप
अमित शाह के बयान पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर पंजाब सरकार को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मान ने कहा कि नशे के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय इसके खिलाफ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नशे की समस्या राजस्थान में भी गंभीर है, जबकि हरियाणा गैंगस्टरों की नर्सरी बन गया है। उन्होंने गुजरात के कांडला बंदरगाह पर 3,000 किलोग्राम ड्रग्स मिलने का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि गैंगस्टरों को संरक्षण कौन दे रहा है। मान ने अकाली-बीजेपी सरकार के कार्यकाल में पंजाब में नशे के कारोबार के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि उस समय पंजाब को नशे से बचाने की चिंता क्यों नहीं की गई और अमित शाह पहले पीड़ित परिवारों से मिलने क्यों नहीं आए।
एंटी-ड्रोन सिस्टम और किसानों को लेकर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पाकिस्तान से आने वाले नशे को रोकने के प्रयासों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पंजाब की मदद नहीं की। इसके अलावा, मान ने शहीद किसानों के परिवारों से मुलाकात नहीं करने को लेकर भी गृह मंत्री पर सवाल उठाए। इस तरह नशे के मुद्दे पर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है।
तीन परिवारों से मिले अमित शाह
अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले तीन लोगों के परिवारों से मुलाकात की। इनमें गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर जिले के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर झोटा के परिवार शामिल हैं। शाह ने गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई। विक्रमजीत ने नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई थी। शाह ने इस दौरान नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके बाद उन्होंने संगरूर जिले के दिड़बा में दिवंगत गुलजार सिंह के परिवार से भी मुलाकात की। गुलजार सिंह ने 7 सितंबर को जहर खाकर जान दे दी थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने के बाद उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं।
कैसे हुई परविंदर झोटा की मौत
परविंदर झोटा की 13 अक्टूबर को एक फार्मेसी में गोली लगने से मौत हो गई थी। बताया गया कि उन्होंने दुकान के मालिक अश्वनी कुमार से उस व्यक्ति के बारे में सवाल किया था, जिसने वहां से नशा खरीदा था। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया और इस दौरान गोली चल गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। झोटा नशा विक्रेताओं से सवाल करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते थे। इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीबीआई जांच कराने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार झोटा के परिवार के साथ खड़ी है और नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।
सचिन पायलट ने भी कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तरनतारन में आम आदमी पार्टी के सरपंच अश्वनी देवगन की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का डर कम होता दिख रहा है। पायलट ने आरोप लगाया कि पंजाब में अवैध हथियारों और नशे का फैलाव बढ़ा है। उन्होंने बीजेपी और आम आदमी पार्टी, दोनों पर सीमा सुरक्षा और राज्य में कानून-व्यवस्था संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों से नेता मुलाकात कर रहे हैं, उन्हें अब भी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है और गवाहों की सुरक्षा के इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। पायलट के मुताबिक, पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
नशे के मुद्दे पर तेज हुई सियासत
पंजाब में नशे का मुद्दा अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। अमित शाह ने मान सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि भगवंत मान ने बीजेपी पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा है। ऐसे में नशे के खिलाफ कार्रवाई, परविंदर झोटा की मौत की जांच और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा को लेकर सरकार के अगले कदम अहम होंगे।
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