Health News: फलों को सेहतमंद डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है और अनार भी पोषक तत्वों से भरपूर फलों में शामिल है। अब एक नई वैज्ञानिक रिसर्च ने अनार और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों से शरीर में बनने वाले एक कंपाउंड यूरोलिथिन ए (Urolithin A) को लेकर दिल की एक गंभीर समस्या के संभावित इलाज की दिशा में उम्मीद जगाई है। शुरुआती प्रयोगों में इस पदार्थ का दिल की कार्यप्रणाली पर सकारात्मक असर देखा गया है। हालांकि, अभी इसके नतीजे इंसानों में नहीं, बल्कि जानवरों और प्रयोगशाला में तैयार किए गए हृदय ऊतकों में मिले हैं।
दिल की इस बीमारी में क्या होता है?
दिल लगातार सिकुड़ने और फैलने की प्रक्रिया के जरिए शरीर में खून पहुंचाता है। हर धड़कन के बाद हृदय की मांसपेशियों का रिलैक्स होना जरूरी होता है, ताकि अगली धड़कन के लिए दिल में पर्याप्त रक्त भर सके। कुछ स्थितियों में हृदय की मांसपेशियां कठोर हो जाती हैं और ठीक तरह से रिलैक्स नहीं कर पातीं।
इस वजह से दिल में रक्त भरने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे मरीजों में थकान, सांस फूलना और शारीरिक गतिविधियों के दौरान परेशानी जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं।
यूरोलिथिन ए पर क्यों हो रही रिसर्च?
वैज्ञानिकों ने इस समस्या से निपटने के संभावित तरीकों की तलाश में यूरोलिथिन ए का अध्ययन किया। यह एक ऐसा पदार्थ है जो शरीर में कुछ खाद्य पदार्थों के घटकों के टूटने के बाद आंतों के बैक्टीरिया की मदद से बन सकता है। अनार के अलावा अखरोट और कुछ बेरीज में पाए जाने वाले यौगिक भी इसके बनने से जुड़े हो सकते हैं।
रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया कि यूरोलिथिन ए एक खास प्रोटीन से जुड़ी प्रक्रिया को सक्रिय कर सकता है। इस प्रक्रिया का संबंध हृदय की मांसपेशियों के सामान्य तरीके से रिलैक्स होने से बताया गया है।
प्रयोग में 80 फीसदी तक सुधार
शोध के दौरान जानवरों पर किए गए प्रयोगों में यूरोलिथिन ए देने के बाद हृदय की कार्यप्रणाली से जुड़े कुछ मानकों में 80 प्रतिशत तक सुधार देखा गया। इसके साथ ही हृदय के ऊतकों में बनने वाले फाइब्रोसिस यानी नुकसानदायक निशान कम होने और हृदय की मांसपेशियों के असामान्य रूप से मोटा होने में कमी के संकेत भी मिले।
वैज्ञानिकों ने इंसानी कोशिकाओं से प्रयोगशाला में तैयार किए गए हृदय ऊतकों पर भी यूरोलिथिन ए का परीक्षण किया। इन प्रयोगों में भी हृदय के ऊतकों की रिलैक्स होने की क्षमता में सुधार देखा गया।
अभी इंसानों पर रिसर्च जरूरी
इन शुरुआती नतीजों से वैज्ञानिकों को आगे की रिसर्च के लिए उम्मीद जरूर मिली है, लेकिन यूरोलिथिन ए को फिलहाल दिल की बीमारी का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता। इंसानों पर क्लिनिकल ट्रायल के बाद ही इसकी प्रभावशीलता और सुरक्षा के बारे में ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
इस रिसर्च का यह मतलब भी नहीं है कि केवल अनार खाने से दिल की बीमारी ठीक हो सकती है। हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इलाज और डाइट में बदलाव करना चाहिए।

