Andhra Pradesh Drought: आंध्र प्रदेश में सूखे ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार ने 21 जिलों के 388 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। राज्य के कुल 688 मंडलों में से करीब 56 फीसदी अब सूखे की चपेट में हैं। बारिश और पानी की कमी का असर खेती पर भी पड़ा है। धान, मक्का, नारियल, मूंगफली, अरहर और कपास जैसी प्रमुख फसलों को नुकसान पहुंचा है।
388 मंडल सूखे की चपेट में
आंध्र प्रदेश के 688 मंडलों में से 388 को सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित किया है। यह राज्य के कुल मंडलों का करीब 56 फीसदी हिस्सा है। इनमें 283 मंडलों को गंभीर सूखे की श्रेणी में रखा गया है, जबकि 105 मंडलों में मध्यम सूखा घोषित किया गया है। सूखे की स्थिति से इन इलाकों में खेती और जल उपलब्धता पर असर पड़ने की आशंका है।
कम बारिश के चलते 21 जिलों में सूखाड़
कम बारिश के बीच आंध्र प्रदेश के सूखाग्रस्त इलाकों में किसानों को फसल नुकसान के साथ पानी की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। रायलसीमा और दक्षिण आंध्र क्षेत्र के कुल 21 जिले ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। सूखे की वजह से धान, मक्का, नारियल, मूंगफली, अरहर और कपास जैसी प्रमुख फसलों पर असर पड़ा है। कई इलाकों में खेती के साथ जल उपलब्धता भी चुनौती बन गई है।
सूखे के आकलन पर विपक्ष ने उठाए सवाल
सरकार की ओर से 388 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद विपक्ष ने इस आकलन पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष की मांग है कि सूखे की सूची में और मंडलों को शामिल किया जाए। खास तौर पर नेल्लोर के कुछ इलाकों का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष का कहना है कि कई मंडल गंभीर सूखे का सामना कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया है।
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