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CJP के समर्थन में उतरे अन्नामलाई, बोले- दिल्ली पुलिस कानून अपने हाथ में ले रही

by | Oct 20, 2026 | Featured

CJP: तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ‘वी द लीडर्स’ आंदोलन के संस्थापक के. अन्नामलाई ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भले ही वह CJP के विरोध प्रदर्शन के तरीकों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं, लेकिन सरकार के सामने उठाए जा रहे उसके सवालों और मुद्दों का समर्थन करते हैं। अन्नामलाई ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से CJP के नेता और मजबूत हो सकते हैं।

CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस को घेरा

दिल्ली में चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे CJP नेताओं, संस्थापक अभिजीत दीपके और छात्र नेताओं की गिरफ्तारी पर अन्नामलाई ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर उन्हें चिंता हो रही है और ऐसा महसूस होता है कि दिल्ली पुलिस ने कानून अपने हाथ में ले लिया है। अन्नामलाई ने कहा कि वह CJP के विरोध प्रदर्शन के तरीकों या उसकी कुछ गतिविधियों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं, लेकिन पार्टी जिन सवालों को उठा रही है, उनका समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक, उन सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि नियमों के उल्लंघन के आरोप में नेताओं को गिरफ्तार करना और जेल में उनके समय बिताने को लेकर खींचतान करना सही तरीका नहीं है। अन्नामलाई ने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाई से CJP के नेता और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ऐसा करके देश और व्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा रही है।

परिसीमन पर केंद्र सरकार को दी पारदर्शिता की सलाह

अन्नामलाई ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के परिसीमन को लेकर दिए गए बयान पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत को परिसीमन की जरूरत है, लेकिन इसकी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर दक्षिण भारत के राज्यों के हितों की रक्षा करने पर जोर दिया। अन्नामलाई के मुताबिक, इन राज्यों ने जनसंख्या को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफलता हासिल की है, इसलिए परिसीमन की प्रक्रिया में उनके साथ कोई अन्याय नहीं होना चाहिए। पूर्व बीजेपी नेता ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि परिसीमन का काम जल्दबाजी या गुप्त तरीके से नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मामले को देखेंगे और सभी राज्यों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।

मोहन भागवत के विचारों का किया स्वागत

अन्नामलाई ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के हालिया विजयादशमी संबोधन में व्यक्त विचारों का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सुनकर खुशी हुई कि भारत सभी समुदायों का देश है। अन्नामलाई ने कहा कि अगर कोई हिंदू यह कहता है कि भारत में मुसलमानों या अन्य धर्मों के लोगों के लिए जगह नहीं है, तो वह पूरी तरह गलत है। उनके मुताबिक, भारत सभी समुदायों का देश है और किसी भी धर्म के लोगों को इससे अलग नहीं माना जाना चाहिए।

दुनिया के सामने भारत का बेहतर रूप प्रस्तुत करने पर जोर

अन्नामलाई ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत और उसकी सभ्यता को उत्सुकता से देख रही है। ऐसे में यह जरूरी है कि भारत विश्व के सामने अपना सबसे बेहतर रूप प्रस्तुत करे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश के नेताओं और नागरिकों को इस उच्च मानक पर खरा उतरना चाहिए। उनके अनुसार, भारत की छवि और सभ्यता के अनुरूप आचरण करना सभी की जिम्मेदारी है।

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