Assam News: गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दोनों महान नेताओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भरता के विचारों का उल्लेख करते हुए गांवों और पंचायतों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
गांधी के विचारों से ग्रामीण विकास को जोड़ने की बात
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी देश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। सरमा के मुताबिक, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना के साथ विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में वित्त आयोग के माध्यम से असम की पंचायतों को जमीनी स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 525 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांधी के बताए रास्ते पर आगे बढ़ते हुए गांवों और पंचायतों को अधिक सक्षम तथा आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम जारी रखेगी।
शास्त्री के असम से जुड़ाव को भी किया याद
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर हिमंत बिस्वा सरमा ने उनके असम से जुड़े योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के रूप में शास्त्री ने असम के भाषा आंदोलन से जुड़े विवाद को शांत करने में मदद करने वाला एक महत्वपूर्ण फार्मूला तैयार किया था।
मुख्यमंत्री ने शास्त्री की प्रधानमंत्री के तौर पर गुवाहाटी यात्रा का भी उल्लेख किया और कहा कि उनकी असम यात्रा की यादें आज भी लोगों के बीच मौजूद हैं।
सादगी और जनसेवा को बताया प्रेरणादायक
सरमा ने लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सादगीपूर्ण जीवन, त्याग और दृढ़ संकल्प को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के दूसरे प्रधानमंत्री का जीवन आज भी सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से जुड़े लोगों को प्रेरणा देता है।

