Thursday, Oct 08

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धन क्यों नहीं टिकता? आचार्य लव भूषण ने बताए 6वें, 8वें और 12वें भाव से लेकर वास्तु तक के उपाय

Astrology Money Attraction Remedies: आज के समय में पैसा, कर्ज, कारोबार और करियर से जुड़ी परेशानियां लोगों की बड़ी चिंताओं में शामिल हैं। आचार्य लव भूषण के अनुसार सही दिशा और जीवनशैली को अपनाना धन आकर्षण का अहम सूत्र हो सकता है। उनका कहना है कि ज्योतिष में छठे, आठवें और 12वें भाव को आमतौर पर अशुभ माना जाता है, लेकिन बड़े आर्थिक जोखिम और सफलता के लिए इन भावों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उनके मुताबिक जिन जातकों की कुंडली में ये भाव सक्रिय होते हैं, वे बड़े जोखिम लेकर बड़ा धन कमाने की क्षमता रखते हैं।

हर व्यक्ति के लिए अलग होता है वास्तु

आचार्य के अनुसार वास्तु का कोई एक फॉर्मूला सभी लोगों पर लागू नहीं होता। जन्मतिथि और कुंडली के आधार पर व्यक्ति के लिए अलग दिशा शुभ या अशुभ हो सकती है। मसलन, पश्चिम दिशा किसी के लिए लाभकारी तो किसी के लिए प्रतिकूल हो सकती है। इसी तरह साउथ-ईस्ट में रसोई कुछ लोगों के लिए ठीक हो सकती है, लेकिन मंगल की स्थिति खराब होने पर यह परेशानी और विवाद का कारण बन सकती है।

पंचतत्व और आर्थिक स्थिरता

उनके मुताबिक जीवन में जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश पांच तत्वों का संतुलन महत्वपूर्ण है। उनका दावा है कि साल 2000 के बाद जन्मे कई लोगों की कुंडली में दो-तीन तत्वों की कमी देखी जाती है, जिसका असर धन और स्थिरता पर पड़ सकता है।

उन्होंने कुछ उपाय भी बताए हैं। वायु तत्व की कमी में लकड़ी के बर्तनों में भोजन, अग्नि तत्व कमजोर होने पर सप्ताह में एक बार कैंडल-लाइट डिनर और आकाश तत्व की कमी में लोहे के बर्तनों के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।

विजन बोर्ड के लिए भी दिशा जरूरी

आचार्य लव भूषण के अनुसार केवल विजन बोर्ड बनाना पर्याप्त नहीं है। जन्मतिथि के आधार पर सही दिशा में बैठकर लगातार 21 दिनों तक एक ही समय पर सकारात्मक भाव से मेनिफेस्टेशन करने की बात कही गई है। उनके अनुसार इससे व्यक्ति की वाइब्रेशन ब्रह्मांड तक पहुंचती है और इच्छाओं की पूर्ति में मदद मिलती है।

घर की वस्तुओं का सही स्थान

उनके मुताबिक एक्वेरियम उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है और इसे राहु व बुध से जोड़ा गया है। CCTV कैमरों की गलत दिशा को वह टैक्स या जांच एजेंसियों से जुड़ी परेशानियों से जोड़ते हैं। सात घोड़ों की तस्वीर, हाफ मून, ईगल और हाई-राइज बिल्डिंग जैसे आर्टिफैक्ट्स भी सही जोन में रखने पर ही लाभकारी बताए गए हैं।

लक्ष्मी और ग्रहों से जुड़े उपाय

आचार्य के अनुसार लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए जन्मतिथि के आधार पर मंत्र जाप किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुंडली से पता चलने वाले 'अतिमित्र फल' का स्वयं सेवन न कर उसे ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान किया जा सकता है। गरीब कन्याओं का विवाह बुध को मजबूत करने, जबकि धर्मशाला बनवाने या दान करने को गुरु ग्रह और स्थिरता से जोड़ा गया है।

लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए रविवार को छोड़कर बरगद को मीठा जल चढ़ाने और बैल को गुड़ खिलाने की सलाह दी गई है। शनि के लिए मंदिर में बर्फ दान करने और गरीब बच्चों को आइसक्रीम खिलाने की बात कही गई है।

धन स्थायित्व के लिए बताए गए उपाय:

  • चंद्र-शनि योग: चलते पानी में बादाम प्रवाहित करें।
  • चंद्र-केतु योग: राहगीरों को नींबू पानी पिलाएं।
  • चंद्र-शुक्र योग: गरीबों को मीठे चावल खिलाएं।

कलयुग और राहु का संबंध

आचार्य लव भूषण के अनुसार कलयुग को राहु के प्रभाव से जोड़ा जाता है। देर रात तक जागना, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का अधिक इस्तेमाल और पार्टी करना इसके संकेत बताए गए हैं। उनका कहना है कि राहु को सही तरीके से साधने पर सफलता और प्रतिष्ठा मिल सकती है। इसके लिए जन्मतिथि के अनुसार दिशा, रंग, मंत्र और दान का चयन करने की सलाह दी गई है। उनके मुताबिक ग्रहों और दिशा का सही तालमेल जीवन में धन और सफलता के लिए मददगार हो सकता है।

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