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अयोध्या के राम मंदिर परिसर में गैस पाइपलाइन फटी, रोकने पड़े रामलला के दर्शन

by | Oct 3, 2026 | News Latest

Ayodhya Ram Mandir Gas Leak: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शुक्रवार दोपहर गैस पाइपलाइन फटने से अचानक अफरा-तफरी मच गई। परिसर में गैस की तेज गंध फैलने के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रामलला समेत सभी मंदिरों में दर्शन कुछ समय के लिए रोक दिए गए। घटना की सूचना मिलते ही ग्रीन गैस लिमिटेड के तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन की मरम्मत कर गैस का रिसाव बंद किया। करीब आधे से पौन घंटे तक दर्शन स्थगित रहे। इस घटना में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

दोपहर में गैस की गंध फैलने से मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को राम मंदिर में श्रद्धालु सामान्य रूप से दर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब एक बजे परिसर में अचानक गैस की तेज गंध आने लगी। सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत इसकी वजह का पता लगाने की कोशिश शुरू की। जांच में सामने आया कि राम मंदिर के उत्तर-पश्चिम दिशा में परकोटे के बाहर से गुजर रही गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। बताया गया कि परिसर के उत्तरी हिस्से में ग्रीन हाउस के पास जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान कुबेर टीला की ओर जाने वाले मार्ग के पास पाइपलाइन फट गई, जिससे गैस का रिसाव शुरू हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल कदम उठाए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए रोके गए दर्शन

गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही ग्रीन गैस लिमिटेड के अधिकारियों को सूचित किया गया। एहतियात के तौर पर रामलला सहित परिसर के सभी मंदिरों में दर्शन रोक दिए गए। उस समय मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोककर स्थिति पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया गया।
ग्रीन गैस लिमिटेड के तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को बदलने का काम शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद गैस का रिसाव पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे दर्शन दोबारा शुरू करा दिए गए।

सीता रसोई में PNG से तैयार होता है भगवान का भोग

रामजन्मभूमि परिसर में हाल ही में ग्रीन गैस लिमिटेड की ओर से पाइपलाइन बिछाई गई थी। रसोई गैस सिलिंडर की कमी के मद्देनजर परिसर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की व्यवस्था की गई थी। इसी गैस का इस्तेमाल सीता रसोई में भगवान के भोग को तैयार करने समेत अन्य कार्यों में किया जा रहा है। इसके लिए ग्रीन गैस लिमिटेड ने साकेत महाविद्यालय के पास स्थित पराग डेयरी से रामजन्मभूमि परिसर तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई थी। मई में PNG से भोग तैयार करने का परीक्षण किया गया था। इसके बाद से ही परिसर में पाइपलाइन के माध्यम से आने वाली गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

खुदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन

राम मंदिर ट्रस्ट के सुरक्षा प्रभारी कैप्टन केके तिवारी ने बताया कि खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। हालांकि, सूचना मिलने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए कम समय में ही रिसाव को रोक दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ समय के लिए दर्शन रोकने का फैसला लिया गया था।

पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने और गैस रिसाव बंद होने के बाद परिसर में स्थिति सामान्य हो गई और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन फिर से शुरू कर दिए गए।

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