Patna: बिहार में रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पटना में पहला टेक्नोलॉजी पार्क बनाने, दरभंगा में लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने और ग्रामीण सड़कों के रखरखाव सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
पटना में बनेगा पहला टेक्नोलॉजी पार्क
पटना के गर्दनीबाग में टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करने के लिए एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड के साथ हुए समझौते को मंजूरी मिली है। सरकार को उम्मीद है कि इससे करीब 100 बड़ी कंपनियां निवेश करेंगी और स्थानीय युवाओं के लिए 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। परियोजना को 'बिहार आईटी पॉलिसी 2024' और 'बिहार ग्लोबल कॉम्पिटेंस सेंटर्स पॉलिसी 2026' के तहत विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देना है।
दरभंगा लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए 225 करोड़ रुपये
दरभंगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स पार्क और कार्गो हब के लिए बजट 138 करोड़ से बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये किया गया है। जमीन अधिग्रहण की बढ़ती लागत के कारण यह फैसला लिया गया। इससे मिथिला और उत्तर बिहार के किसान अपने कृषि उत्पाद हवाई मार्ग से देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।
ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और डिजिटल सेवाओं का विस्तार
कैबिनेट ने 'रूरल रोड मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट प्रोग्राम' को मंजूरी दी है। इसके तहत पांच साल की शुरुआती गारंटी अवधि पूरी कर चुकी ग्रामीण सड़कों की नियमित मरम्मत और नवीनीकरण होगा। वहीं, 'बिहार इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सबऑर्डिनेट सर्विसेज रूल्स' के जरिए आईटी विभाग का विस्तार क्षेत्रीय और जिला स्तर तक किया जाएगा। इससे सरकारी योजनाओं का डिजिटलीकरण तेज होगा और ब्लॉक स्तर पर तकनीकी कार्यों को सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
ये भी पढ़े: ब्लैक सी में दो जहाजों पर ड्रोन हमला, एक डूबा, दूसरे को नुकसान; बुल्गारिया ने जताई नाराजगी

