BMW Car Insurance Claim: महाराष्ट्र में हाईवे पर खड़ी BMW कार में आग लगने के मामले में 14 साल बाद मालिक को बड़ी राहत मिली है। उपभोक्ता आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को कार मालिक रविकांत एस. पाटिल को ब्याज और मुआवजे सहित 70 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया है।
पंचर होने पर हाईवे पर छोड़ी थी कार
घटना 8 मार्च 2012 की है। रविकांत पाटिल महाराष्ट्र के धुलखेड़ के पास स्टेट हाईवे से गुजर रहे थे, तभी उनकी BMW का टायर पंचर हो गया। रात में आसपास कोई मैकेनिक नहीं मिलने पर उन्होंने कार सड़क किनारे एक ढाबे के पास खड़ी की। पाटिल कार के दरवाजे और खिड़कियां सुरक्षित बंद करके दूसरे वाहन से घर लौट गए। अगली सुबह जब वह कार लेने पहुंचे, तो वह पूरी तरह जल चुकी थी।
बीमा कंपनी ने क्यों ठुकराया क्लेम?
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस ने दावा खारिज करते हुए कहा कि कार को रातभर लावारिस छोड़ना पॉलिसी की सुरक्षा संबंधी शर्तों का उल्लंघन था। हालांकि, उपभोक्ता आयोग ने यह दलील खारिज कर दी। आयोग के मुताबिक, पॉलिसी में खराब वाहन को बिना निगरानी छोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं था। कार को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करना और लॉक करना उचित सावधानी थी।
70.75 लाख रुपये और ब्याज देने का आदेश
आयोग ने कहा कि कार को बिना निगरानी छोड़ने और आग लगने के बीच सीधा संबंध साबित नहीं हुआ। साथ ही, वाहन की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा जोखिम में डालना जरूरी नहीं है। आयोग ने बीमा कंपनी को कार की बीमित कीमत 70 लाख रुपये, मानसिक प्रताड़ना के लिए 50 हजार और कानूनी खर्च के 25 हजार रुपये देने का आदेश दिया। कुल भुगतान 70.75 लाख रुपये होगा, जिसमें ब्याज अतिरिक्त शामिल है।
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