Oral Health Tips: रोजाना ब्रश करने के बावजूद अगर दांतों में संवेदनशीलता, मसूड़ों में दर्द या सूजन, कैविटी और मुंह से दुर्गंध जैसी परेशानियां हो रही हैं, तो इसकी एक वजह आपकी ब्रश करने की आदत भी हो सकती है. सिर्फ दिन में दो बार ब्रश करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे सही तरीके से करना भी जरूरी है. ब्रशिंग में की गई कुछ सामान्य गलतियां दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचा सकती हैं और मसूड़ों की सेहत पर भी असर डाल सकती हैं.
कई बार गलत तरीके से ब्रश करने की वजह से दांतों पर प्लाक जमा रह जाता है. लंबे समय तक इसकी सफाई न होने पर कैविटी और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है. आइए जानते हैं ब्रश करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए.
जरूरत से ज्यादा दबाव डालकर ब्रश करना
कुछ लोगों को लगता है कि ब्रश को ज्यादा जोर से रगड़ने से दांत बेहतर तरीके से साफ होंगे. लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है. ज्यादा दबाव पड़ने से इनेमल धीरे-धीरे घिस सकता है, जिससे दांतों में झनझनाहट या सेंसिटिविटी बढ़ सकती है. साथ ही मसूड़ों के ऊतकों को भी नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए ब्रश करते समय हल्का दबाव रखें और आराम से सफाई करें.
कुछ ही सेकंड में ब्रश खत्म कर देना
ब्रशिंग में जल्दबाजी करना भी ओरल हेल्थ के लिए सही नहीं है. कई लोग 20-30 सेकंड में ही ब्रश करके काम खत्म कर देते हैं, जिससे दांतों के कई हिस्से ठीक से साफ नहीं हो पाते. आमतौर पर करीब 2 मिनट तक ध्यान से ब्रश करना बेहतर माना जाता है. इससे दांतों पर जमा प्लाक और खाने के अवशेषों को हटाने में मदद मिलती है.
दांतों के अंदर और मसूड़ों की लाइन साफ न करना
ब्रश करते समय केवल दांतों की सामने वाली सतह पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. दांतों के अंदरूनी हिस्से, दांतों के बीच की जगह और मसूड़ों के किनारे भी अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. इन जगहों पर प्लाक आसानी से जमा हो सकता है. लंबे समय तक सफाई न होने पर यह सख्त होकर टार्टर में बदल सकता है और मसूड़ों की समस्या का कारण बन सकता है.
खाना या एसिडिक चीज लेने के तुरंत बाद ब्रश करना
दिन में दो बार ब्रश करना जरूरी है, लेकिन खाने के तुरंत बाद ब्रश करने की आदत हर स्थिति में सही नहीं होती. खासकर अगर आपने खट्टे खाद्य पदार्थ, एसिडिक ड्रिंक या सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन किया है, तो तुरंत ब्रश करने से बचना चाहिए. ऐसे मामलों में कुछ समय इंतजार करना बेहतर होता है, ताकि मुंह में बनने वाली लार एसिड के प्रभाव को कम करने में मदद कर सके.
जीभ की सफाई को भूल जाना
सिर्फ दांतों की सफाई करने से ओरल हाइजीन पूरी नहीं होती. जीभ पर भी बैक्टीरिया और गंदगी जमा हो सकती है, जो मुंह से दुर्गंध आने की वजह बन सकती है. इसलिए रोजाना जीभ की सफाई पर भी ध्यान दें. इसके अलावा दांतों के बीच फंसे प्लाक को हटाने के लिए फ्लॉस का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. जरूरत के मुताबिक माउथवॉश को भी ओरल केयर रूटीन में शामिल किया जा सकता है.

