Thursday, Oct 08

होम = देश = कैंसर की दवाओं की कीमत पर लगाम, सरकार ने 30% ट्रेड मार्जिन किया तय; लागत में 70% तक कटौती की उम्मीद

कैंसर की दवाओं की कीमत पर लगाम, सरकार ने 30% ट्रेड मार्जिन किया तय; लागत में 70% तक कटौती की उम्मीद

Cancer Drug Trade Margin Cap: केंद्र सरकार ने सभी गैर-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30% तय करने का ऐलान किया है। सरकार का अनुमान है कि इस कदम से कुछ दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में 70% तक कमी आ सकती है और मरीजों को सालाना करीब ₹2,500 करोड़ की बचत होगी।

यह नियम ब्रांडेड और जेनेरिक, घरेलू और आयातित, पेटेंटेड और नॉन-पेटेंटेड उन कैंसर दवाओं पर लागू होगा, जो मौजूदा शेड्यूल्ड प्राइस-कंट्रोल व्यवस्था के दायरे से बाहर हैं। सरकार का उद्देश्य दवा सप्लाई चेन में अत्यधिक मार्जिन पर रोक लगाकर जीवनरक्षक इलाज को सस्ता करना और दवाओं की उपलब्धता बनाए रखना है।

सुप्रीम कोर्ट ने उठाया था कीमतों पर सवाल

यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की हालिया चिंता के बाद आया है। 29 सितंबर को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने एक कैंसर दवा का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया था, जो रिटेलर को करीब ₹2,700 में मिल रही थी, लेकिन उसकी MRP ₹27,000 थी। कोर्ट ने समान मार्जिन की संभावना पर विचार करने को कहा था और कॉरपोरेट अस्पतालों की इन-हाउस फार्मेसी से दवा खरीदने की अनिवार्यता पर भी चिंता जताई थी। कोर्ट ने 16% मार्जिन का विकल्प रखा था, लेकिन देशभर में 16% सीमा लगाने का आदेश नहीं दिया। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होनी है।

2019 में भी लागू हो चुका है मॉडल

सरकार ने बताया कि 2019 में NPPA ने 42 गैर-शेड्यूल्ड कैंसर दवाओं पर 30% ट्रेड मार्जिन तय किया था। इससे 526 ब्रांड की MRP औसतन करीब 50% घटी और मरीजों को सालाना अनुमानित ₹984 करोड़ की बचत हुई। सरकार के मुताबिक नए विस्तार से MRP में अधिकतम 70% तक कमी और सालाना करीब ₹2,500 करोड़ की बचत संभव है। मार्च 2026 तक NPPA 131 कैंसर दवाओं के प्रभावी सीलिंग प्राइस तय कर चुका था। इसके अलावा कस्टम ड्यूटी में कटौती और जन औषधि जैसी योजनाओं के जरिए भी कैंसर इलाज को सस्ता करने की कोशिश जारी है।

ये भी पढ़े: उन्नाव में मशाल यात्रा के दौरान हादसा, BJP विधायक बृजेश रावत और कार्यकर्ता घायल