Captain Smit Machhar: कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले के बाद पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की चर्चा हो रही है। इस घटना के बारे में पता चलने पर उनके माता-पिता को सबसे पहले बेटे की सुरक्षा की चिंता हुई। शुरुआती सदमे और डर के बीच परिवार ने भगवान से उसकी सलामती की प्रार्थना की। कैप्टन स्मित के पिता भूपेंद्र मच्छर ने एक इंटरव्यू में उस मुश्किल वक्त को याद करते हुए बताया कि परिवार ने किस तरह खुद को संभाला।
बेटे की सलामती के लिए मंदिर में की प्रार्थना
NDTV को दिए इंटरव्यू में भूपेंद्र मच्छर ने बताया कि किसी भी माता-पिता की तरह घटना की जानकारी मिलते ही उनके मन में डर और सदमा था। परिवार ने तुरंत भगवान के सामने दीया जलाया और मंदिर जाकर बेटे की सलामती की प्रार्थना की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "हे भगवान, चाहे कुछ भी हो, कोई बुरी खबर न आए; कृपया उसे बचा लें।" भूपेंद्र मच्छर के मुताबिक, उस समय परिवार की सबसे बड़ी चिंता यही थी कि उनका बेटा सुरक्षित रहे और उसे कुछ न हो।
'भगवान की कृपा और अंदरूनी ताकत थी'
भूपेंद्र मच्छर ने बेटे के साहस का श्रेय ईश्वर की कृपा और उसकी अंदरूनी ताकत को दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए किसी को खास ट्रेनिंग नहीं दी जाती। उनके मुताबिक, संकट के समय स्मित ने अपनी पूरी ताकत लगाकर मुकाबला किया। पिता ने बताया कि स्मित के मन में उस वक्त केवल एक ही बात थी कि विमान में पीछे बैठे किसी भी यात्री की जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह घटना दुनिया के लिए गर्व का पल हो सकती है, लेकिन परिवार के लिए फिलहाल बेटे की सेहत सबसे ज्यादा मायने रखती है।
17 साल से उड़ान है स्मित का जुनून
भूपेंद्र मच्छर ने बताया कि उनका बेटा अपने पेशे को लेकर बेहद जुनूनी है और लगातार दूसरे पायलटों की मदद करता रहता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "फ्लाइंग उसकी पत्नी की तरह है।" पिता के मुताबिक, पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद स्मित दोबारा फ्लाइंग ड्यूटी शुरू करेंगे। पिछले 17 सालों से उड़ान ही उनका जुनून और सब कुछ रही है। हालांकि, फिलहाल परिवार की प्राथमिकता उनकी सेहत और पूरी तरह ठीक होना है।
सिर और दोनों हाथों में गंभीर चोटें
कैप्टन स्मित मच्छर का इलाज अबू धाबी के एक अस्पताल में चल रहा है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं। उनके पिता ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार स्मित के सिर और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। उनके सिर का ऑपरेशन किया गया है और कई टांके भी लगे हैं। भूपेंद्र मच्छर के मुताबिक, चोटों को पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा। ऐसे में परिवार का पूरा ध्यान उनकी सेहत में सुधार पर है।
को-पायलट ने कुल्हाड़ी से किया था हमला
बताया गया है कि विमान के कॉकपिट में ओमान के नागरिक को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया था। हमले के दौरान विमान नीचे की ओर गिरने लगा था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने सूझबूझ दिखाई और कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू में किया, जबकि विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस घटना के दौरान विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच गई।
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