Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के कोरबा और जशपुर जिलों में रविवार को हाथियों की आबादी वाले इलाकों में आवाजाही से दहशत फैल गई। कोरबा में 53 जंगली हाथियों के झुंड ने एक मिशन स्कूल की बाउंड्रीवाल तोड़ दी और किसानों की धान की फसलें रौंद डालीं। वहीं, जशपुर के कुनकुरी में झुंड से बिछड़ा एक दंतैल हाथी रिहायशी इलाके में घुस गया और तीन जगहों की दीवारों को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग दोनों घटनाओं पर नजर बनाए हुए है।
कोरबा में 53 हाथियों का झुंड स्कूल तक पहुंचा
कोरबा जिले के तेलियामार में रविवार सुबह 53 हाथियों का झुंड मिशन स्कूल के पास पहुंच गया। हाथियों ने स्कूल की बाउंड्रीवाल तोड़ दी, जिससे हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के बीच डर का माहौल बन गया। इसके बाद झुंड ने आसपास के खेतों में खड़ी धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जशपुर में अस्पताल, कॉलेज और चर्च की दीवारें टूटीं
जशपुर जिले के कुनकुरी में एक दंतैल हाथी अपने झुंड से अलग होकर शहर में पहुंच गया। दंतैल ऐसे नर हाथी को कहा जाता है, जिसके लंबे दांत बाहर निकले होते हैं। हाथी सबसे पहले हॉली क्रॉस मिशन हॉस्पिटल परिसर में घुसा और बाउंड्रीवाल तोड़ दी। इसके बाद वह लोयला कॉलेज और फिर चर्च परिसर में पहुंचा। इस दौरान तीन स्थानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं।
जंगल छोड़कर बस्तियों में क्यों पहुंच रहे हाथी?
विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों की आवाजाही जंगलों में भोजन-पानी की उपलब्धता, पारंपरिक रास्तों, आसपास की खेती और मानवीय गतिविधियों से प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कोरबा और कुनकुरी की घटनाओं में हाथियों के आबादी तक पहुंचने की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे मामलों में फसलों और संपत्ति के नुकसान के साथ इंसानों की जान को भी खतरा हो सकता है।
वन विभाग की निगरानी, हाथी ऐप से अलर्ट
कोरबा के वन मंडलाधिकारी जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों को 'हाथी ऐप' के जरिए हाथियों की मौजूदगी और आवाजाही की तत्काल जानकारी दी जा रही है, ताकि वे सुरक्षित रह सकें। अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। विभाग हाथियों को सुरक्षित इलाकों की ओर जाने देने का प्रयास कर रहा है। स्थानीय निगरानी, जागरूकता और भीड़ को नियंत्रित करना भी जरूरी है।
हाथी सामने आ जाए तो क्या करें?
वन्यजीवों के जानकारों के अनुसार, हाथी दिखाई देने पर उसके पास जाने, रास्ता रोकने, घेरने या भगाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मोबाइल से वीडियो बनाने के लिए भीड़ जुटाना भी खतरनाक हो सकता है। हाथी डरने या घिरा महसूस करने पर अचानक हमला कर सकता है। बच्चों को सुरक्षित रखें, वन विभाग को सूचना दें और सुरक्षित दूरी से अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल दोनों जिलों में वन विभाग सतर्क है। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, किसानों की फसल और स्थानीय लोगों की आवाजाही को लेकर चिंता बनी हुई है।

