CJP Protest Delhi: दिल्ली में शनिवार को हुए प्रदर्शन के बाद कॉकroach जनता पार्टी (CJP) ने साफ किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजिंक्य शिंदे ने कहा कि इस्तीफे के बिना प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने बताया कि CJP रविवार को एक बार फिर जंतर-मंतर की ओर कूच करेगी।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ी, हिरासत में लिए गए लोग रिहा
दिल्ली पुलिस को CJP के साथ AIYF, AISF और SFI जैसे संगठनों के दोबारा प्रदर्शन करने की आशंका है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रहेगी। हिरासत केंद्रों में रखी गई महिला प्रदर्शनकारियों और वरिष्ठ नागरिकों को रिहा किया जा रहा है, जबकि CJP नेताओं के मामलों में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
शनिवार को प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया वापस लेने की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
सड़कों पर सन्नाटा, सीमाओं पर वाहनों की जांच
प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर सन्नाटा रहा, जबकि पुलिस, अर्धसैनिक बलों और पत्रकारों की मौजूदगी दिखाई दी। दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की जांच हुई और पिछले 48 घंटों में सैकड़ों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। कड़ी सुरक्षा के कारण प्रदर्शनकारियों की गतिविधियां सीमित रहीं, हालांकि इसका असर राजधानी से बाहर तक पहुंचा।
'जंतर-मंतर 2.0' के लिए कई दिनों से तैयारी
जुलाई में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हुई अफरातफरी और हिंसा के बाद इस बार सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहीं। दिल्ली पुलिस के पिछले आंतरिक आकलन में प्रदर्शनकारियों की संख्या और उनके जुटने को लेकर पर्याप्त सटीक खुफिया जानकारी न होने की बात कही गई थी।
'जंतर-मंतर 2.0' नाम से प्रचारित इस प्रदर्शन की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान करने से पहले CJP ने मुंबई और बेंगलुरु में भी विरोध प्रदर्शन किए थे, जो शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए थे।
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