Delhi: देश में तेजी से बढ़ रहे डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) कारोबार को लेकर नेहरू प्लेस स्थित इरोस होटल में D2C कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में स्टार्टअप फाउंडर्स, ब्रांड लीडर्स, मार्केटिंग विशेषज्ञों और विभिन्न उद्योगों के पेशेवरों ने हिस्सा लिया। दिनभर चले कार्यक्रम में नए बिजनेस आइडिया, अनुभवों और बदलते बाजार रुझानों पर चर्चा हुई।
टीनएज उद्यमियों ने सुनाई अपनी कहानी
कार्यक्रम का खास आकर्षण किशोर उद्यमियों के साथ हुआ संवाद रहा, जिसका संचालन सादगी शिमाज ने किया। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों के युवा उद्यमियों से उनके कारोबारी सफर और अनुभवों पर बातचीत की। अनौपचारिक माहौल में युवाओं ने बताया कि उनके बिजनेस आइडिया कैसे आए और इतनी कम उम्र में उन्होंने उद्यमिता को क्यों चुना। किसी ने अपने शौक को कारोबार में बदला, तो किसी ने रोजमर्रा की समस्या का समाधान तलाशते हुए बिजनेस शुरू किया। युवाओं ने पढ़ाई, परिवार की उम्मीदों और अपने सपनों के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियां भी साझा कीं।
कम उम्र की चुनौतियों को बनाया सीखने का जरिया
इन उद्यमियों ने बताया कि शुरुआती दौर में भरोसा जीतना, पूंजी जुटाना, ग्राहक बनाना और अनुभव की कमी जैसी मुश्किलें सामने आईं। हालांकि, उन्होंने इन चुनौतियों को सीखने के अवसर के तौर पर लिया। डिजिटल समझ, सोशल मीडिया की पकड़ और नए ट्रेंड्स को तेजी से अपनाना उनकी प्रमुख ताकत बनकर सामने आया। भविष्य की योजनाओं में नए उत्पाद लॉन्च करना, ब्रांड का विस्तार और देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचना शामिल है। कई युवा मुनाफे के साथ रोजगार पैदा करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कारोबार खड़ा करना चाहते हैं।
नई पीढ़ी में बढ़ रहा उद्यमिता का उत्साह
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने युवाओं के आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच की सराहना की। D2C कॉन्क्लेव ने यह भी दिखाया कि नई पीढ़ी केवल बड़े सपने नहीं देख रही, बल्कि उन्हें कारोबार में बदलने की दिशा में कदम भी उठा रही है। ऐसे मंच अनुभवी उद्योग जगत और युवा उद्यमियों के बीच संवाद का अवसर देते हैं और भविष्य के कारोबारी इकोसिस्टम को नई ऊर्जा दे सकते हैं।
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