Delhi Airport Driverless Train: आईजीआईए एयरपोर्ट पर जाने वाले यात्रियों के लिए टर्मिनल बदलना जल्द आसान हो सकता है। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक जाने के लिए ट्रेन चलाने की योजना बना रही है। अगर सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो साल 2030 तक यात्रियों को ट्रैफिक से राहत मिल जाएगी। आपको बता दें कि सड़क के रास्ते दोनों टर्मिनलों के बीच पहुंचने में 15 से 20 मिनट लगते हैं और व्यस्त समय में जाम के चलते यह समय बढ़ जाता है। अब इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए दोनों टर्मिनलों के बीच ड्राइवरलेस ट्रेन चलाने की तैयारी है।
7.3 किलोमीटर लंबी होगी ऑटोमेटेड ट्रेन
रिपोर्ट के मुताबिक, डीआईएल 7.3 किलोमीटर लंबी ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) यानी इंटर-टर्मिनल रैपिड रेल प्रणाली विकसित करने की योजना बना रही है। यह ट्रेन टर्मिनल-1 को टर्मिनल-3 से जोड़ेगी। प्रस्तावित मार्ग में एयरोसिटी और हवाईअड्डे के कार्गो क्षेत्र में भी स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इससे यात्रियों के साथ एयरपोर्ट से जुड़े अन्य लोगों को भी तेज और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिल सकेगा।
3,500 करोड़ रुपये की आएगी लागत
प्रस्तावित इंटर-टर्मिनल ट्रेन प्रणाली पर करीब 3,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके तैयार होने के बाद IGI एयरपोर्ट पर यात्रियों को एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक जाने के लिए तेज और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिल सकेगी। यह व्यवस्था दुनिया के कई प्रमुख हवाईअड्डों पर चलने वाली ड्राइवरलेस ट्रेनों की तर्ज पर होगी। IGI एयरपोर्ट पर फिलहाल तीन यात्री टर्मिनल और चार रनवे हैं।
2030 तक तैयार हो सकती है इंटर-टर्मिनल ट्रेन
डीआईएल के CEO प्रदीप पाणिकर ने भरोसा जताया है कि एयरपोर्ट के भीतर यात्रियों के आवागमन के लिए प्रस्तावित APM प्रणाली 2030 तक तैयार हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके डिजाइन और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 7.3 किलोमीटर लंबी इस प्रणाली में कुल छह स्टेशन होंगे। इनमें T1 पर एक, एयरोसिटी में तीन, कार्गो क्षेत्र में एक और T3 पर एक स्टेशन शामिल होगा। T3 का स्टेशन टर्मिनल-2 के यात्रियों के लिए भी उपयोगी होगा।
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