DMRC Supreme Court Apology: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। DMRC ने अदालत से बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि उस दिन दिल्ली मेट्रो की सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं की गई थीं। प्रशासन के मुताबिक, कुल 303 स्टेशनों में से 258 स्टेशन खुले थे और 271 ट्रेनें चलाई गई थीं।
DMRC चेयरपर्सन ने मांगी बिना शर्त माफी
DMRC की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे में चेयरपर्सन सुश्री डी तारा ने बिना शर्त माफी मांगी है। DMRC ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का बहुत सम्मान करता है और इसी वजह से माफी मांग रहा है। हालांकि, मेट्रो प्रशासन ने यह भी कहा कि अदालत ने उसका पक्ष सुने बिना ही आदेश पारित कर दिया था। DMRC ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान पूरे मेट्रो नेटवर्क पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था। केवल कुछ स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए थे। प्रशासन का कहना है कि इस कदम से मेट्रो सेवाएं पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई थीं।
303 में से 258 स्टेशन रहे खुले
DMRC के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो के कुल 303 स्टेशनों में से 258 स्टेशन यात्रियों के लिए खुले और चालू थे। वहीं, 45 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार पर प्रतिबंध लगाया गया था। इन प्रतिबंधों के बावजूद 14 स्टेशनों पर मेट्रो लाइन बदलने की सुविधा जारी रही। इनमें राजीव चौक, कश्मीरी गेट, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और हौज खास जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल थे। DMRC ने बताया कि 45 स्टेशनों पर लगाए गए प्रतिबंध 10 अक्टूबर को रात 10 बजे हटा दिए गए थे। इसके बाद सभी स्टेशन खोल दिए गए। वहीं, 12 अक्टूबर को छह स्टेशनों पर फिर से अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे।
271 ट्रेनें चलीं, 4,157 ट्रिप पूरी हुईं
DMRC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 10 अक्टूबर 2026 को कुल 271 ट्रेनें चलाई गईं और पूरे दिन में 4,157 ट्रेन ट्रिप पूरी की गईं। प्रशासन के अनुसार, ट्रेन सेवाओं की संख्या में कोई कटौती नहीं की गई थी। मेट्रो प्रशासन ने अपने हलफनामे में यह भी बताया कि उस दिन करीब 32 लाख यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो से सफर किया। इसके मुकाबले सामान्य दूसरे शनिवार को लगभग 58 लाख यात्री मेट्रो से यात्रा करते हैं।
प्रदर्शन के कारण यात्रियों की संख्या घटी
DMRC के मुताबिक, CJP के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण यात्रियों की संख्या में कमी आई। प्रशासन ने कहा कि इस दौरान आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब के जरिए DMRC ने अपनी कार्रवाई का पक्ष रखा है। साथ ही, अदालत के प्रति सम्मान जताते हुए बिना शर्त माफी भी मांगी है।
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