Thursday, Oct 01

होम = Breaking = ओमानी को-पायलट को लेकर सामने आईं कई अहम बातें, 9 महीने पहले मिली थी नौकरी; मजहबी सोच पर भी सवाल

ओमानी को-पायलट को लेकर सामने आईं कई अहम बातें, 9 महीने पहले मिली थी नौकरी; मजहबी सोच पर भी सवाल

Flydubai FZ1073 Omani Co-Pilot: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई FZ1073 के ओमानी को-पायलट को कथित तौर पर इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा की शिक्षा दी गई थी. फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि आरोपी की विचारधारा की जांच जरूरी है. हालांकि, आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है और हमले का वास्तविक मकसद अभी स्पष्ट नहीं है. विभिन्न देशों की एजेंसियां आतंकवाद समेत कई संभावनाओं की जांच कर रही हैं.

साथी पायलट ने बताया था 'बहुत ज्यादा मजहबी'

इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक साथी पायलट ने आरोपी को बेहद धार्मिक बताया. उसके हवाले से कहा गया कि वह दिन में लगातार नमाज पढ़ता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से भी इनकार करता था. हालांकि, केवल धार्मिक व्यवहार के आधार पर हमले का मकसद तय नहीं किया जा सकता और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी. ओमान के एक अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया को बताया कि आरोपी ओमान में जन्मा और वहीं का नागरिक है. रिपोर्टों के मुताबिक, उसे फ्लाईदुबई में करीब नौ महीने पहले नियुक्त किया गया था. सऊदी अधिकारियों के अनुसार, तबुक में आपात लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया था.

UAE, सऊदी समेत कई देशों की जांच

सऊदी अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में लिया है. एक क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक, सऊदी, UAE, ओमान, अमेरिका और इजरायल से जुड़ी एजेंसियां घटना के मकसद की जांच कर रही हैं. जांच में आतंकवाद से लेकर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संभावनाओं तक सभी पहलुओं को खुला रखा गया है. UAE के अभियोजक ने भी यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कराई है कि घटना में आतंकी गतिविधि, पूर्व नियोजित योजना या किसी के निर्देश की भूमिका थी या नहीं. पूर्व इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद अधिकारी हेलिट बारेल ने घटना को गंभीर सुरक्षा मामला बताया और कहा कि जांच पूरी होने तक मकसद को लेकर निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल और UAE को मामले की जांच में भूमिका निभानी चाहिए.

कैप्टन स्मित की हालत स्थिर

हमले में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार की हालत स्थिर बताई गई है. वह पहले सऊदी अरब के तबुक में इलाज करा रहे थे. ताजा रिपोर्टों के अनुसार उन्हें आगे के उपचार के लिए अबू धाबी ले जाया गया है. भारतीय दूतावास और जेद्दा-रियाद स्थित भारतीय अधिकारी उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं और परिवार के संपर्क में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके परिवार से बात की है.

ये भी पढ़े: नाबालिग को कुचलकर भागी Scorpio, पुलिस ने पीछा कर पकड़ा… मौके पर भड़की भीड़ ने की तोड़फोड़