Monday, Oct 05

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FZ1073 हमले की जुलाई में बनी थी साजिश, ओमानी को-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा

Flydubai FZ1073 Terror Attack: 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रॉयटर्स के मुताबिक, अल-हम्मामी ने जुलाई में ही कथित तौर पर 9/11 जैसी साजिश रच ली थी, लेकिन एयरलाइन के एक क्रू सदस्य से दोस्ती के कारण उसने उस समय योजना टाल दी।

जांच सूत्रों के अनुसार, उसने फ्लाईदुबई में नौकरी मिलने से पहले ही 30 सितंबर के हमले की योजना बना ली थी। वह विमान को तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत या बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश कराना चाहता था। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले उसने तेल अवीव जाने वाली एयरलाइनों की तलाश की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लाईदुबई में काम के दौरान उसने बेन गुरियन एयरपोर्ट का कई बार दौरा किया और जून की एक यात्रा में कथित तौर पर वहां की जानकारी जुटाई।

पुराने रिकॉर्ड को लेकर भी उठे थे सवाल

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ओमानी अधिकारियों ने पहले उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी और कट्टरपंथी विचारों में उसकी अत्यधिक रुचि को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद उसे ओमान एयर में उड़ान भरने से रोककर डेस्क जॉब दे दी गई। हालांकि, इन चिंताओं की जानकारी अन्य एजेंसियों या एयरलाइंस के साथ व्यापक रूप से साझा नहीं की गई। फरवरी में फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी दे दी और कथित तौर पर उसके पिछले नियोक्ता ओमान एयर से संपर्क भी नहीं किया।

फ्लाइट में कैसे हुआ हमला?

30 सितंबर को बोइंग 737 मैक्स 8 में करीब 174 यात्री सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक थे। उड़ान के दौरान अल-हम्मामी ने इमरजेंसी क्रैश एक्स से कैप्टन स्मित मछार पर हमला किया। विमान तेजी से नीचे जाने लगा और 30 सेकंड से कुछ अधिक समय में हजारों फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। यात्रियों ने अल-हम्मामी को काबू में किया। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इजरायल और UAE ने घटना को आतंकवादी हमला बताया।

जॉर्डन के ऊपर हमला करने की योजना

जांच में सामने आया कि अल-हम्मामी विमान के जॉर्डन के ऊपर पहुंचने का इंतजार करना चाहता था, ताकि शुरुआती अलार्म से बचते हुए हमले के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ओमान जैसे बिना राजनयिक संबंध वाले देशों के नागरिकों को इजरायल जाने वाली उड़ानों का संचालन करने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद अल-हम्मामी को इस रूट पर कैसे तैनात किया गया, यह स्पष्ट नहीं है। नेतन्याहू ने विदेशी एयरलाइंस की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के आदेश दिए हैं। वहीं, वाईनेट ने एक वरिष्ठ अमीराती अधिकारी के हवाले से बताया कि अल-हम्मामी को UAE में मौत की सजा दी जा सकती है और अबू धाबी उसके लिए सबसे कड़ी सजा चाहता है। हालांकि, अभी कोई औपचारिक सजा नहीं सुनाई गई है और जांच जारी है।

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