Mufti Mohammad Gufran Garba Statement: नवरात्रि के दौरान गरबा में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर भोपाल के मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी का बयान सामने आया है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने गरबा में मुसलमानों के शामिल होने को हराम बताया। मुफ्ती ने कहा कि उनसे पूछा गया था कि क्या गरबे में मुस्लिम की शिरकत जायज है, जिस पर उन्होंने इसे हराम करार दिया।
'मुस्लिम युवाओं का गरबा में शामिल होना हराम'
भोपाल में मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि गरबा या हिंदू धार्मिक रस्मों में मुस्लिम युवाओं का शामिल होना जायज नहीं है। उन्होंने इसे ‘बिल्कुल हराम’ बताया। मुफ्ती नदवी ने कहा कि मुसलमानों का अपना दीन और धार्मिक परंपराएं हैं, जो उनके लिए पर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को अपनी धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए और मस्जिदों के बाहर जुटने वाली भीड़ का जिक्र करते हुए सवाल किया कि मुस्लिमों के त्योहार आखिर कहां मनाए जाते हैं।
गरबा आयोजनों को लेकर पहले से सतर्कता
नवरात्रि के दौरान भोपाल में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों की तैयारियां चल रही हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां शामिल होते हैं। आयोजकों और कुछ हिंदू संगठनों की ओर से गरबा में शामिल होने वाले लोगों की पहचान को लेकर सतर्कता बरतने की बात सामने आती रही है। खास तौर पर मुस्लिम युवकों की भागीदारी को लेकर आपत्तियां जताई जाती रही हैं। ऐसे में मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी का गरबा में मुस्लिम युवाओं के शामिल होने को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है।
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