Thursday, Oct 15

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कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब कनाडाई कंपनी के हाथों जाएगा ये सरकारी बैंक, 52 हजार करोड़ से ज्यादा में डील

IDBI Bank Stake Sale Fairfax: केंद्र सरकार ने IDBI बैंक के निजीकरण की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा की फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Fairfax Financial Holdings की सहायक कंपनी को बेचने की मंजूरी दे दी। इस सौदे की कुल कीमत 52,878.08 करोड़ रुपये है।

सरकार और LIC कितनी हिस्सेदारी बेचेंगे?

इस सौदे के तहत केंद्र सरकार IDBI बैंक में अपनी 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगा। बिक्री पूरी होने के बाद सरकार के पास बैंक की 15 प्रतिशत और LIC के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी बचेगी। दोनों की संयुक्त हिस्सेदारी 34 प्रतिशत होगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सौदा पूरा होने पर यह भारत के वित्तीय क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) होगा।

2022 में शुरू हुई थी बिक्री की प्रक्रिया

IDBI बैंक की रणनीतिक बिक्री की घोषणा पहली बार 2022 में की गई थी। हालांकि, नियामकीय मंजूरियों और प्रक्रियागत बाधाओं के कारण इसमें लगातार देरी हुई। बिक्री के लिए दो चरणों में बोली प्रक्रिया आयोजित की गई। इसकी निगरानी विनिवेश पर सचिवों के कोर ग्रुप और कैबिनेट मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह समेत विभिन्न सरकारी निकायों ने की। मार्च में बोलियां सरकार की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरने के कारण प्रक्रिया रोक दी गई थी। अब Fairfax को रणनीतिक खरीदार के रूप में कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

IDBI बैंक के शेयरों में 13% तक उछाल

कैबिनेट के फैसले से पहले बुधवार को IDBI बैंक के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। शेयर पिछले बंद भाव 82.92 रुपये से बढ़कर कारोबार के दौरान 93.62 रुपये तक पहुंच गया। इस तरह इंट्राडे कारोबार में करीब 13 प्रतिशत की बढ़त हुई। हालांकि, कारोबार समाप्त होने पर शेयर 8.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 89.85 रुपये पर बंद हुआ। यह तेजी 17 अक्टूबर को घोषित होने वाले बैंक के दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों से पहले देखने को मिली।

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