Imran Masood Statement: कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की ओर से कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग उठाए जाने के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने पलटवार किया है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्तीफा दे दें, तो कांग्रेस के नेता भी इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। मसूद ने पूरे देश में दोबारा चुनाव कराने की मांग भी की।
इमरान मसूद बोले- पीएम इस्तीफा दें, हम सब देंगे इस्तीफा
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का इस्तीफा दिलवा दीजिए, हम सब इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने यह बात उस समय कही, जब वह राहुल गांधी की ओर से बुलाई गई हाई-टी बैठक में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद पर अपनी बात रखी। मसूद ने केवल इस्तीफे की चुनौती तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि पूरे देश में दोबारा चुनाव कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जब तक यह लूटतंत्र खत्म नहीं होगा और इसे उखाड़कर नहीं फेंका जाएगा, तब तक आंदोलन और यह सिलसिला जारी रहेगा। उनके इस बयान को बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर किए गए हमले के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
पीयूष गोयल ने कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे पर उठाए सवाल
दरअसल, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया था कि अगर पार्टी चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह दोषपूर्ण मानती है और वोट चोरी के आरोप लगा रही है, तो उसके छह राज्यों के मुख्यमंत्री इस्तीफा क्यों नहीं देते? गोयल के इसी बयान पर इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की चुनौती देकर जवाब दिया। पीयूष गोयल ने कांग्रेस के रवैये को बचकाना बताते हुए पार्टी पर मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ अपने पुराने संबंधों को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कैबिनेट में शामिल किया और उन्हें पद्म भूषण तथा पद्म विभूषण से सम्मानित करने के साथ राज्यपाल भी बनाया।
एमएस गिल का जिक्र कर पीयूष गोयल ने लगाए आरोप
पीयूष गोयल ने अपने बयान में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एमएस गिल कभी सरकार में रहे, फिर चुनाव आयुक्त बने, संसद पहुंचे और बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा भी बने। गोयल ने इन घटनाओं को सौदेबाजी का प्रतीक बताते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। इस तरह चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस जहां कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी कांग्रेस के आरोपों के जवाब में उसके शासन वाले राज्यों की सरकारों से इस्तीफे की मांग कर रही है।
हिमंता बिस्वा सरमा ने भी कांग्रेस को दी थी चुनौती
इस विवाद के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कांग्रेस को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर केरल, कर्नाटक, झारखंड और तेलंगाना की कांग्रेस या विपक्ष शासित सरकारें इस्तीफा दे दें, तो वह बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। सरमा ने दावा किया था कि इन राज्यों की सरकारें भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में कथित वोट चोरी के जरिए बनी थीं।
गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा कथित वोट चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि यदि राहुल गांधी और कांग्रेस अपनी सरकारों के इस्तीफे के लिए तैयार हैं, तो वह बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। अब इमरान मसूद के बयान ने इस राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। एक तरफ बीजेपी कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस प्रधानमंत्री के इस्तीफे और देशभर में दोबारा चुनाव कराने की मांग उठा रही है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
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