India Pakistan BSF Border Dispute: भारत और पाकिस्तान के सीमा पर तनाव के बीच नई कूटनीतिक हलचल सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को पाकिस्तान हाई कमीशन के कार्यवाहक राजदूत को तलब किया। मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से जारी अवैध सीमा पार घुसपैठ में मदद को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब सीमा पर सुरक्षा बलों की गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और भारत ने पाकिस्तान के सामने अपना रुख स्पष्ट किया है।
भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को बताया निराधार
विदेश मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई घटना को लेकर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्रालय ने इन आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की ओर से लगाए गए दावों में कोई तथ्य नहीं है। मंत्रालय ने सीमा पर हुई घटना को लेकर पाकिस्तान के रुख पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
तीन लोग भारतीय सीमा में घुसे थे, BSF ने दी कई चेतावनियां
विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में बताया कि तीन लोग भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे। बीएसएफ ने उन्हें पाकिस्तान लौटने की कई बार चेतावनी दी, लेकिन इसके बावजूद वे सीमा पर लगी बाड़ की ओर बढ़ते रहे। मंत्रालय के मुताबिक, उनकी गतिविधियों से सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया था। ऐसे में बीएसएफ को स्थिति को नियंत्रित करने और सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी।
पाकिस्तान ने लगाया दो नागरिकों की हत्या का आरोप
भारत ने यह कदम पाकिस्तान की ओर से इस्लामाबाद में भारतीय कार्यवाहक राजदूत को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद उठाया। पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि 2 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेदियान सेक्टर में बीएसएफ जवानों ने दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या की। इस मामले को लेकर पाकिस्तान ने भारतीय पक्ष के सामने अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद भारत ने भी पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर अपने रुख से अवगत कराया।
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