Tuesday, Oct 20

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जयशंकर से बातचीत में रुबियो ने भारत से अमेरिकी ऊर्जा और रक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ाने का किया आग्रह

India US Energy Defence Cooperation: भारत और अमेरिका ने मंगलवार को द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करते हुए ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुलाकात के दौरान अमेरिका ने भारत से ऊर्जा संसाधनों, आधुनिक तकनीक, सैन्य और परमाणु उपकरणों की खरीद बढ़ाने का आग्रह किया।

रुबियो पांच महीने से भी कम समय में दूसरी बार बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे हैं। उनकी यात्रा ऐसे समय हुई है, जब ट्रंप प्रशासन की अनिश्चित व्यापार नीतियों, भारतीय पेशेवरों को प्रभावित करने वाले सख्त आव्रजन नियमों और पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व से अमेरिका की बढ़ती नजदीकियों के कारण द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बना हुआ है।

व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर हुई चर्चा

मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और नागरिकों के बीच संबंध मजबूत करने पर बातचीत की। क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए गए। रुबियो ने कहा कि बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के महत्व पर चर्चा हुई।

अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, रुबियो ने कहा कि अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने से भारत की आपूर्ति व्यवस्था में विविधता आएगी और बढ़ती घरेलू मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। उन्होंने रक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग में हुई प्रगति की सराहना करते हुए अमेरिकी तकनीक और उपकरणों की खरीद बढ़ाने पर जोर दिया। रुबियो के इन बयानों पर भारतीय अधिकारियों की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

रूसी तेल पर निर्भरता कम करने पर अमेरिका का जोर

डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वॉशिंगटन लगातार भारत से अमेरिकी तेल, तकनीक और सैन्य उपकरणों की खरीद बढ़ाने की मांग कर रहा है। पिछले एक साल में भारत ने ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश की है। हालांकि, रूस अब भी कच्चे तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जिसकी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। वहीं, अगस्त में 5.1 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अमेरिका तीसरे स्थान पर था।

रुबियो ने कहा कि भारत ने कई बार अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की इच्छा जताई है और अमेरिका इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा निर्भरता रातोंरात नहीं बदली जा सकती, लेकिन भारत ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। अमेरिका इस बदलाव से संतुष्ट है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में

मीडिया से बातचीत में रुबियो ने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार, क्वाड का प्रमुख सदस्य और मजबूत रणनीतिक सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता लगभग अंतिम चरण में है। अब केवल कुछ मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है।

रुबियो के मुताबिक, दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब हैं और जल्द अच्छी खबर मिल सकती है। इसके बाद दोनों देशों के नेता समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच व्यापक रक्षा सहयोग का भी उल्लेख किया।

जामनगर रिफाइनरी का दौरा करेंगे रुबियो

रुबियो बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी का दौरा करेंगे। यह प्रतिदिन 14 लाख बैरल की स्थापित क्षमता के साथ दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है।

रुबियो ने भारत को तेल शोधन के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ी है। ऊर्जा संसाधनों को लेकर युद्ध होते हैं और इनकी कमी से अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। उनके मुताबिक, रिलायंस जैसी बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाली कंपनी के साथ वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों पर बातचीत करना महत्वपूर्ण है।

वेनेजुएला के तेल को लेकर भी चर्चा

रुबियो ने कहा कि भारतीय कंपनियां वेनेजुएला से आने वाले भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। भारतीय कंपनियों के पास पहले से इसकी तकनीकी क्षमता और अनुभव मौजूद है।

उन्होंने बताया कि भारतीय कंपनियों के पास वेनेजुएला में तेल उत्पादन से जुड़े पुराने अधिकार भी हैं। कंपनियां वहां उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार और इच्छुक हैं, हालांकि पहले से लागू प्रतिबंध कुछ बाधाएं पैदा कर सकते हैं। रुबियो जामनगर रिफाइनरी की यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर भी चर्चा करेंगे।

वैश्विक डीजल संकट पर जताई चिंता

रुबियो ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, सऊदी अरब की ऊर्जा पाइपलाइनों पर हूती हमले और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रिफाइनिंग सुविधाओं पर हमलों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते कई देशों को डीजल की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

रुबियो की भारत यात्रा से कुछ दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के तहत नए व्यापक प्रतिबंधों में छूट दी थी। साथ ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वैश्विक बाजार में लाखों टन रूसी डीजल उपलब्ध कराने के समझौते की घोषणा की थी।

UAE के विदेश मंत्री के साथ त्रिपक्षीय बैठक

जयशंकर और रुबियो ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी अलग बैठक की। UAE के विदेश मंत्री सोमवार को द्विपक्षीय यात्रा पर मुंबई पहुंचे थे। तीनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, तकनीक, क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। रुबियो ने सोशल मीडिया पर बताया कि बैठक में क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और साझा आर्थिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर विचार किया गया।

26/11 हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि

जयशंकर और रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में 26/11 आतंकी हमले के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ भारत और अमेरिका की मजबूत साझेदारी जारी रहनी चाहिए।

रुबियो ने 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमलों में मारे गए छह अमेरिकी नागरिकों सहित सभी पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दोनों देश मृतकों को याद करते हैं, बचाव कार्य में शामिल लोगों के साहस का सम्मान करते हैं और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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