Wednesday, Oct 07

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रूसी तेल की बढ़ी कीमतों के बीच भारत का बड़ा कदम, वेनेजुएला से बढ़ाया क्रूड ऑयल आयात

India Venezuela Oil Import: रूसी तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और उससे जुड़े प्रतिबंधों के जोखिम के बीच भारत ने कच्चे तेल की खरीद का रुख कुछ हद तक बदला है। भारत अभी भी रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीद रहा है, लेकिन उसकी हिस्सेदारी में कमी आई है। वहीं, वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

वेनेजुएला से तेल आयात दोगुने से ज्यादा होने का अनुमान

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में भारत का वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात दोगुने से अधिक हो सकता है। केप्लर के अनुमान के अनुसार, अक्टूबर में वेनेजुएला से भारत को करीब 4.65 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) कच्चे तेल की आपूर्ति होने की उम्मीद है। सितंबर में यह आंकड़ा करीब 1.96 लाख बीपीडी था। अगर सभी तय कार्गो समय पर भारत पहुंचते हैं तो अक्टूबर का आयात दिसंबर 2019 के बाद सबसे ज्यादा हो सकता है। हालांकि, कुछ जहाज महीने के अंत तक माल नहीं उतार पाए तो वास्तविक आयात इससे कम रह सकता है।

सिक्का पोर्ट पर पहुंच रहे वेनेजुएला के जहाज

केप्लर के वरिष्ठ प्रबंधक सुमित रिटोलिया के अनुमान के मुताबिक अक्टूबर में वेनेजुएला से भारत की औसत डिलीवरी करीब 3.5 लाख बैरल प्रतिदिन रह सकती है। मौजूदा समय में भारत की ओर आने वाले वेनेजुएला के जहाजों पर गुजरात के सिक्का बंदरगाह का जिक्र है। सिक्का पोर्ट रिलायंस इंडस्ट्रीज के जामनगर रिफाइनरी परिसर को सेवाएं देता है। जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक कम से कम दो टैंकर 31 अक्टूबर को भारत के पश्चिमी तट पर पहुंच सकते हैं।

रूस की तेल हिस्सेदारी 56% से घटकर 35% हुई

रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। हालांकि, केप्लर के आंकड़ों के अनुसार भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी जुलाई में करीब 56 फीसदी थी, जो सितंबर में घटकर लगभग 35 फीसदी रह गई। इस बदलाव के पीछे रूसी यूराल्स क्रूड की बढ़ती कीमत और रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंधों व संभावित दंडात्मक शुल्कों का जोखिम भी एक वजह बताया जा रहा है। ऐसे में भारतीय रिफाइनरियां रूसी कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता का दोबारा आकलन कर रही हैं।

फरवरी में फिर शुरू हुआ वेनेजुएला से आयात

अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के कच्चे तेल के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील के बाद भारत ने करीब एक साल के अंतराल के बाद फरवरी में वेनेजुएला से तेल आयात फिर शुरू किया था। मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई पर दबाव के बीच भारत ने रूस, वेनेजुएला और अमेरिका समेत अलग-अलग देशों से तेल की आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की है। भारत की रणनीति रही है कि जहां से किफायती तेल उपलब्ध हो, वहां से आयात बढ़ाया जाए। इसी वजह से रूसी तेल की लागत बढ़ने के बीच वेनेजुएला से खरीदारी बढ़ती दिखाई दे रही है।

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