Indian Railways Rules: ट्रेन में सफर के दौरान फोन पर तेज आवाज में गाने सुनना या वीडियो देखना अब भारी पड़ सकता है। दूसरे यात्रियों की परेशानी को देखते हुए दक्षिणी रेलवे ने ऐसे व्यवहार पर सख्ती की चेतावनी दी है। नियम तोड़ने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं, बार-बार ऐसा करने पर जेल और अतिरिक्त जुर्माने की कार्रवाई भी हो सकती है।
रेलवे अधिनियम की धारा 142 लागू
दक्षिणी रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और सफर के दौरान शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है। इसके तहत 'जन विश्वास अधिनियम' के प्रावधानों के अनुसार संशोधित रेलवे अधिनियम की धारा 142 लागू की गई है। इसका उद्देश्य ट्रेन में तेज आवाज में संगीत सुनने या वीडियो चलाने जैसी गतिविधियों से दूसरे यात्रियों को होने वाली परेशानी पर रोक लगाना है।
मेट्रो में लागू हो सकता है नियम
अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों को होने वाली परेशानी रोकने के लिए इस नियम को रेलवे के दूसरे जोन और मेट्रो सेवाओं में भी लागू किया जा सकता है। मेट्रो में उपद्रव या दूसरे यात्रियों को परेशान करने पर जुर्माना लगाने और संबंधित व्यक्ति को कोच से उतारने की कार्रवाई हो सकती है। वहीं, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 के तहत सार्वजनिक जगह पर दूसरों के लिए खतरा, बाधा या परेशानी पैदा करने वाले कृत्य को सार्वजनिक उपद्रव माना गया है।
लाउडस्पीकर से चलेगा जागरूकता अभियान
यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं, हिंदी और अंग्रेजी में लाउडस्पीकर के जरिए अभियान चलाए जाएंगे। इसके अलावा, टिकट परीक्षक (TTE) और वाणिज्यिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नियम तोड़ने वालों पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का अधिकार होगा।
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