LPU Campus Violence: पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 सितंबर को शुरू हुआ विवाद अगले दिन हिंसा में बदल गया। दुष्कर्म की अफवाह फैलने के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। इस दौरान पुलिस और मीडिया की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। अब जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी है। पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 20 अन्य लोगों की पहचान की है। वहीं, दुष्कर्म के आरोपों की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है।
सोशल मीडिया पर फैली दुष्कर्म की अफवाह
पुलिस के मुताबिक, 26 सितंबर की शाम सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हुआ था। इसमें दावा किया गया कि LPU के G3 हॉस्टल में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ है और यूनिवर्सिटी प्रशासन मामले को दबा रहा है। इस संदेश के फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र विरोध करने लगे। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। कैंपस में तोड़फोड़ और पथराव शुरू हो गया। कुछ गाड़ियों में आग लगा दी गई और दिल्ली-जालंधर नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया गया।
9 लोग गिरफ्तार, 20 की पहचान
हिंसा, आगजनी और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने दो FIR दर्ज की हैं। इनमें थाना सतनामपुरा में FIR नंबर 163 और थाना सदर में FIR नंबर 106 शामिल हैं। DIG नवीन सिंगला के अनुसार, पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी निगरानी और सोशल मीडिया पोस्ट की मदद से 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें LPU के 7 छात्र और 2 बाहरी लोग शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में 4 फगवाड़ा, 2 जम्मू-कश्मीर और 2 मुंबई के हैं। इसके अलावा एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने करीब 20 अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें मामले में नामजद किया है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का नाम भी आया
इस हिंसा के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मोहम्मद फरहत का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ ऐसे वीडियो और पोस्ट मिले हैं, जिनमें वह कथित तौर पर तोड़फोड़ करता दिखाई दे रहा है। पुलिस ने उसे भी मामले में नामजद किया है। अब उससे पूछताछ के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो और अन्य सामग्री की भी जांच कर रही है।
DIG बोले- पुलिस ने पहले बरता संयम
हिंसा के दौरान पुलिस पर लाठीचार्ज करने के आरोप भी लगे थे। DIG नवीन सिंगला ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने शुरुआत में संयम से काम लिया था। उन्होंने कहा कि छात्र उनके अपने बच्चों की तरह हैं, इसलिए पुलिस ने स्थिति को संवेदनशीलता के साथ संभालने की कोशिश की। हालांकि, जब भीड़ ने पुलिस और मीडिया की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी, तब हालात पर काबू पाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
दुष्कर्म के आरोपों की जांच कर रही SIT
पुलिस के अनुसार, अब तक किसी छात्रा या उसके परिवार की ओर से दुष्कर्म को लेकर शिकायत नहीं दी गई थी। इसके बावजूद मामले की गंभीरता और छात्रों की मांग को देखते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की FIR दर्ज की गई है। इस मामले की जांच के लिए SP विनीत अहलावत के नेतृत्व में SIT बनाई गई है। टीम हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं, महिला वार्डन और मेंटेनेंस स्टाफ से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
PG और कार रेंटल नेटवर्क की भी जांच
पुलिस कैंपस के बाहर संचालित PG और कार रेंटल से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हिंसा के दौरान बाहरी लोग किस तरह शामिल हुए और उनकी क्या भूमिका थी। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान और दुष्कर्म के आरोपों की जांच भी जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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