Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज में शुक्रवार रात अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिवा को पहले बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया और फिर नीचे फेंक दिया गया। पुलिस हादसे और हत्या, दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।
फोन पर मिली हादसे की सूचना, अस्पतालों के चक्कर काटते रहे परिजन
शिवा की मां रंजना शर्मा के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे रश्मि दुबे नाम की युवती का फोन आया। उसने बताया कि शिवा का एक्सीडेंट हो गया है और उसे लोहिया अस्पताल ले जाया जा रहा है। परिजन वहां पहुंचे, लेकिन शिवा नहीं मिला। करीब डेढ़ घंटे बाद पता चला कि उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शिफ्ट किया गया है।
परिजनों के अनुसार, वहां एंबुलेंस के पास रश्मि की बहन श्रद्धा के ड्राइवर दानिश को देखा गया, जो खुद को सौरव कश्यप बताकर फोन करता था। परिजनों को देखते ही वह घायल शिवा और एंबुलेंस को छोड़कर फरार हो गया। एंबुलेंस चालक ने बताया कि वह करीब तीन घंटे से लोहिया अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के बीच चक्कर लगा रहा था। डॉक्टरों ने जांच के बाद शिवा को मृत घोषित कर दिया।
शरीर पर चोटों के निशान, प्रताड़ना का आरोप
रंजना शर्मा ने दावा किया कि शिवा की दोनों आंखों पर चोट थी, जबड़ा टूटा हुआ था और कान-नाक से खून बह रहा था। उसकी पसलियां और टांग भी टूटी थीं। शरीर पर सिगरेट से दागने और खरोंचने के निशान थे।
परिजनों का आरोप है कि श्रद्धा दुबे पिछले 4-5 महीनों से शिवा को प्रताड़ित कर रही थी। वह मारपीट करने, झूठे मुकदमे में फंसाने और बदनाम करने की धमकियां देती थी। करीब एक सप्ताह पहले वह दुकान पर आई थी और शिवा को उसके हवाले करने की मांग करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। परिवार का यह भी दावा है कि आरोपी पक्ष लगातार उनके घर और दुकान की रेकी करवा रहा था।
पुलिस ने दर्ज किया केस
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि युवक चौथी मंजिल से गिरा था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि शिवा को धक्का दिया गया था या घटना के पीछे कोई दूसरी वजह थी।
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