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भारत में मार्को रुबियो से चीन पर सवाल, परमाणु हथियारों की रेस पर कही ये बड़ी बात

by | Oct 20, 2026 | Trending

Marco Rubio: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने परमाणु हथियारों पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका, रूस और चीन के बीच बातचीत की जरूरत बताई है। मुंबई में उन्होंने कहा कि दुनिया की तीन सबसे बड़ी परमाणु ताकतों के नेताओं को हथियारों की होड़ रोकने और नियंत्रण जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। रुबियो ने स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं पता कि चीन इस बातचीत के लिए तैयार है या नहीं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके पक्ष में हैं।

चीन ने बातचीत को बताया अनुचित

रुबियो ने कहा कि देशों के बीच मतभेद होने के बावजूद बातचीत जरूरी है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों पक्षों से बात किए बिना शांति समझौता कराना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, रूस और चीन के बीच परमाणु हथियारों पर बातचीत पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक कदम होगा। हालांकि, चीन का कहना है कि वह परमाणु हथियारों पर बातचीत तब करेगा, जब उसका हथियारों का जखीरा दूसरे देशों के बराबर पहुंच जाएगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने फिलहाल त्रिपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता को अनुचित और अव्यावहारिक बताया है।

ट्रंप भी कर चुके हैं बातचीत की वकालत

डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद अमेरिका, रूस और चीन के बीच परमाणु हथियारों पर बातचीत का मुद्दा उठाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि संभावित बैठक में मुख्य मुद्दा यूक्रेन नहीं, बल्कि हथियार और परमाणु निरस्त्रीकरण होगा। अमेरिका और रूस के बीच वर्ष 2010 में न्यू स्टार्ट समझौते के जरिए तैनात परमाणु हथियारों की सीमा तय की गई थी। हालांकि, इसके बाद नए समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। इस बीच चीन ने भी अपना परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाया है। परमाणु हथियारों पर नियंत्रण के समर्थकों का मानना है कि केवल बातचीत की इच्छा जताना काफी नहीं है। इसके लिए ठोस प्रस्ताव जरूरी हैं, जिन्हें सभी देश स्वीकार करें और जिनकी निगरानी भी की जा सके।

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