Friday, Oct 16

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घर में कलर प्रिंटर से छाप रहे थे नकली नोट, महाराष्ट्र से आता था पेपर; मुजफ्फरनगर में 3 गिरफ्तार

Muzaffarnagar Fake Currency Gang: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने नकली नोट बनाने और उनकी सप्लाई करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 लाख 26 हजार रुपये की नकली करेंसी, लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन और प्रिंटिंग से जुड़ी सामग्री बरामद की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वेब सीरीज 'फर्जी' देखने के बाद जल्द अमीर बनने के लिए कथित तौर पर नकली नोट छापने का काम शुरू किया था।

मेरठ-करनाल हाईवे पर पुलिस ने की गिरफ्तारी

मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि मेरठ-करनाल हाईवे पर कुछ लोग नकली करेंसी की सप्लाई करने आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान शुभम, महेंद्र और टीनू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 5.26 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। इसके अलावा लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन और प्रिंटिंग से संबंधित अन्य सामग्री भी मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह कब से इस काम में शामिल था और अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई जा चुकी है।

'फर्जी' वेब सीरीज देखकर आया नकली नोट बनाने का विचार

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान शुभम ने कथित तौर पर बताया कि वेब सीरीज 'फर्जी' देखने के बाद उसके मन में नकली नोट बनाने का विचार आया। उसे लगा कि इस तरीके से जल्दी पैसा कमाया जा सकता है। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिल्ली के नरेला इलाके में स्थित एक फ्लैट में नकली नोट तैयार करते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए प्रिंटिंग से जुड़ी जानकारी हासिल की थी। हालांकि, पुलिस अब उनके पूरे नेटवर्क और इस काम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

महाराष्ट्र से मंगाया जाता था पेपर, सप्लाई चेन की जांच

इस मामले में पुलिस महाराष्ट्र से पेपर की सप्लाई होने के पहलू की भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह को गणेश नाम का व्यक्ति पेपर भेजता था। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस व्यक्ति की भूमिका क्या थी और सामग्री आरोपियों तक कैसे पहुंचती थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी नकली नोट तैयार करने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों पर उनकी सप्लाई करते थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली करेंसी को बाजार तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।

एसएसपी ने बताया कैसे हुआ गिरोह का खुलासा

मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के मुताबिक, एसपी ग्रामीण और सीओ बुढ़ाना के नेतृत्व में बुढ़ाना कोतवाली पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से करीब 5.26 लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन तथा प्रिंटिंग पेपर बरामद किया। एसएसपी ने बताया कि मामले में कुछ अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बरामद नोटों की जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम

एसएसपी सूरज कुमार राय ने नकली करेंसी को अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी नोट की प्रामाणिकता पर संदेह हो, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय उचित माध्यम से उसकी जांच करानी चाहिए। इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है। फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस नकली नोटों की सप्लाई चेन, पेपर उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों का पता लगाने पर है।

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