Monday, Oct 05

होम = अध्यात्म = Shardiya Navratri 2026 : नवरात्रि में मां दुर्गा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें, पूजा से पहले जान लें नियम

Shardiya Navratri 2026 : नवरात्रि में मां दुर्गा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें, पूजा से पहले जान लें नियम

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में शामिल है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि में देवी की आराधना करने से भक्तों को माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दौरान पूजा-पाठ से जुड़े कई नियमों का पालन भी किया जाता है। मान्यता है कि पूजा में सही सामग्री का इस्तेमाल करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उन चीजों से बचना है जिन्हें देवी को अर्पित करना उचित नहीं माना जाता। आइए जानते हैं 2026 में शारदीय नवरात्रि कब से शुरू होगी और मां दुर्गा को किन चीजों का भोग या अर्पण नहीं करना चाहिए।

शारदीय नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?

साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी। इसी दिन विधि-विधान के साथ घटस्थापना की जाएगी।

घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 06:19 बजे से 10:12 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
दुर्गा अष्टमी और महानवमी: 19 अक्टूबर, सोमवार

इस वर्ष अष्टमी और नवमी की तिथि एक ही दिन पड़ रही है।

मां दुर्गा को क्या नहीं चढ़ाना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी दुर्गा की पूजा में कुछ चीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसलिए नवरात्रि में पूजा सामग्री तैयार करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  1. तुलसी के पत्ते

भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है, लेकिन मां दुर्गा को तुलसीदल अर्पित करने की परंपरा नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी की पूजा में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल वर्जित माना जाता है।

  1. धतूरा और मदार

धतूरा और मदार के फूल भगवान शिव को प्रिय माने जाते हैं। इसलिए सामान्य रूप से इन्हें मां दुर्गा की पूजा में अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है।

  1. कनेर और केतकी के फूल

नवरात्रि की पूजा में फूलों का खास महत्व होता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में कनेर और केतकी के फूलों को देवी पूजा के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है। इसलिए इनकी जगह देवी को पसंद किए जाने वाले अन्य ताजे फूल अर्पित किए जा सकते हैं।

  1. बासी या खराब फल

देवी को भोग हमेशा ताजा और साफ-सुथरी सामग्री का ही लगाना चाहिए। कटे हुए, सड़े या खराब फलों को पूजा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जमीन पर गिरे हुए फल भी भोग के लिए इस्तेमाल करने से बचें।

  1. तामसिक भोजन

नवरात्रि के दौरान सात्विक भोजन को प्राथमिकता दी जाती है। मां दुर्गा को भोग लगाते समय प्याज-लहसुन से बनी चीजों और अन्य तामसिक खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। फल, मिठाई और सात्विक पकवान भोग में रखे जा सकते हैं।

पूजा में रखें शुद्धता का ध्यान

नवरात्रि के दौरान देवी की पूजा करते समय पूजा स्थल की साफ-सफाई, सामग्री की शुद्धता और विधि-विधान का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में पूजा की मान्यताएं कुछ अलग हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय परंपरा या परिवार की धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा करना उचित है।