NEET PG 2026 की तैयारी कर रहे मेडिकल उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीटों का नया मैट्रिक्स जारी किया है। इस सूची के अनुसार देशभर के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में कुल 63,177 पीजी मेडिकल सीटें उपलब्ध हैं। इनमें सरकारी, निजी और डीम्ड संस्थानों की सीटें शामिल हैं। आइए जानते हैं किस राज्य में कितनी सीटें हैं और किन स्पेशलाइजेशन में सबसे ज्यादा सीटें उपलब्ध हैं।
सरकारी संस्थानों में 33 हजार से ज्यादा सीटें
NMC द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 63,177 पीजी सीटों में से 33,088 सीटें सरकारी मेडिकल संस्थानों में हैं। वहीं निजी मेडिकल संस्थानों के लिए 21,892 सीटें और डीम्ड विश्वविद्यालयों से जुड़े संस्थानों में 8,197 सीटें उपलब्ध हैं।
NMC ने साफ किया है कि मौजूदा मैट्रिक्स में केवल वर्तमान में स्वीकृत सीटों को ही शामिल किया गया है। नए पीजी कोर्स या सीट बढ़ाने से जुड़े जिन प्रस्तावों पर अभी मंजूरी नहीं मिली है, उन्हें फिलहाल सूची में शामिल नहीं किया गया है। इन प्रस्तावों को अनुमति मिलने के बाद संशोधित सीट मैट्रिक्स में जोड़ा जा सकता है।
कर्नाटक में सबसे अधिक पीजी सीटें
राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कर्नाटक 8,323 पीजी सीटों के साथ सूची में सबसे ऊपर है। महाराष्ट्र में 6,992, तमिलनाडु में 6,306 और उत्तर प्रदेश में 6,082 सीटें दर्ज हैं।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 4,142, तेलंगाना में 3,998, गुजरात में 3,862, राजस्थान में 3,857 और मध्य प्रदेश में 3,052 पीजी सीटें हैं। पश्चिम बंगाल में 2,384, केरल में 2,145, दिल्ली में 1,660, बिहार में 1,470, ओडिशा में 1,419, हरियाणा में 1,129 और पंजाब में 982 सीटें उपलब्ध हैं।
MD जनरल मेडिसिन में सबसे ज्यादा सीटें
स्पेशलाइजेशन के हिसाब से MD जनरल मेडिसिन में 6,143 सीटें हैं, जो दिए गए प्रमुख पाठ्यक्रमों में सबसे अधिक हैं। इसके बाद MD एनेस्थिसियोलॉजी की 5,672 और MS जनरल सर्जरी की 5,591 सीटें हैं।वहीं MS ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में 4,690, MD पीडियाट्रिक्स में 4,203, MS ऑर्थोपेडिक्स में 3,656 और MD पैथोलॉजी में 3,343 सीटें हैं। MD रेडियोडायग्नोसिस/रेडियोलॉजी में 3,224 और MS ऑप्थल्मोलॉजी में 2,479 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा MD साइकियाट्री की 1,596, MD माइक्रोबायोलॉजी की 1,832 और MD डर्मेटोलॉजी की 1,880 सीटें हैंl
सुपर-स्पेशियलिटी कोर्स की सीटें भी शामिल
नए मैट्रिक्स में सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों का विवरण भी दिया गया है। इसके अनुसार DM कार्डियोलॉजी में 592, MCh यूरोलॉजी में 440, MCh न्यूरोसर्जरी में 426 और DM न्यूरोलॉजी में 377 सीटें हैं।इसके अलावा MCh प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में 338, DM नेफ्रोलॉजी में 288 और DM मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में 257 सीटें दर्ज की गई हैं।केवल स्वीकृत सीटों पर ही मिलेगा दाखिलाNMC ने मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिया है कि पीजी दाखिले केवल MARB द्वारा स्वीकृत और अपडेटेड सीट मैट्रिक्स में दर्ज सीटों के आधार पर ही किए जाएं। कॉलेजों को निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं देने के लिए कहा गया है।
काउंसलिंग समितियों और संबंधित संस्थानों को भी जारी मैट्रिक्स की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी सीट, पाठ्यक्रम या आंकड़े में कोई त्रुटि या विसंगति मिलती है, तो इसकी जानकारी MARB को देने को कहा गया है। NMC के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर सीट मैट्रिक्स में आगे संशोधन किया जा सकता है।

