Saturday, Oct 10

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फ्लाईदुबई विमान में भारतीय पायलट पर हमले की जांच करेगी NIA, बड़ी साजिश की आशंका

NIA Investigation FlyDubai Pilot Attack: केंद्र सरकार ने फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को केस दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है। सरकार के अनुसार, विमान के कॉकपिट में विवाद के बाद विमान ने अचानक नीचे की ओर गोता लगाया और सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र की ओर लौट गया। मामले में विमान को हाईजैक करने या दुर्घटनाग्रस्त करने की संभावित कोशिश की भी जांच की जाएगी।

जॉर्डन-सऊदी सीमा के पास हुई घटना

केंद्र सरकार के आदेश में दी गई जानकारी के मुताबिक, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ 1073 ने 30 सितंबर को सुबह 7:05 बजे गल्फ स्टैंडर्ड टाइम (GST) पर दुबई से उड़ान भरी थी। विमान में 174 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। विमान की कमान भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छर और ओमान के फर्स्ट ऑफिसर के पास थी।

जॉर्डन और सऊदी अरब की सीमा के पास विमान ने अचानक तेजी से नीचे की ओर गोता लगाया और सऊदी हवाई क्षेत्र की तरफ मुड़ गया।

फर्स्ट ऑफिसर पर चाकू से हमला करने का आरोप

सरकार के मुताबिक, यात्रियों ने बताया कि ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने उड़ान के दौरान कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया। आशंका जताई गई कि यह विमान को हाईजैक करने या दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश हो सकती थी। यात्रियों और चालक दल ने कथित हमलावर को काबू कर बांध दिया। हमले में कैप्टन मच्छर के सिर और हाथों पर गहरे घाव आए।

इसके बाद विमान में मौजूद अन्य फ्लाईदुबई पायलटों ने नियंत्रण संभाला और सुबह करीब 10:45 बजे GST पर उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई। सरकारी जानकारी के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने फर्स्ट ऑफिसर को गिरफ्तार कर लिया।

बड़ी साजिश की जांच करेगी NIA

केंद्र सरकार ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 16 के साथ धारा 15(1)(a) के तहत अपराधों से जुड़ा है। ये अपराध NIA एक्ट, 2008 के तहत अनुसूचित अपराध हैं।

सरकार ने घटना के गंभीर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों का हवाला देते हुए बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जरूरी बताई। इसी आधार पर NIA एक्ट की धारा 6(5) और 6(8), धारा 8 के साथ पढ़ते हुए एजेंसी को मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया गया है।

जांच में हमले की परिस्थितियों, विमान के भीतर हुई घटनाओं और किसी व्यापक साजिश की संभावना की पड़ताल होगी। सरकारी आदेश में हालांकि फर्स्ट ऑफिसर के कथित हमले के पीछे की मंशा और उससे पहले की परिस्थितियों का खुलासा नहीं किया गया है।

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