Punjab: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है। घटना से नाराज निहंग सिखों ने मुख्य आरोपी के घर में तोड़फोड़ की, सामान बाहर फेंका और दुकान में आग लगा दी। इस बीच, पुलिस ने बुधवार सुबह मुख्य आरोपी अश्विनी को गिरफ्तार कर लिया। भगवंत मान सरकार ने आरोपी के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई भी की है।
मेडिकल स्टोर में हुई थी परविंदर झोटा की हत्या
मंगलवार को मानसा की एक फार्मेसी में परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि झोटा ने दुकान मालिक से उस व्यक्ति के बारे में सवाल किया था, जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से नशीली दवाएं खरीदी थीं।
रिपोर्टों के अनुसार, घटना से पहले झोटा का मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार से विवाद हुआ था। झोटा उस पर सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगा रहे थे। घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें आरोपी कथित तौर पर पिस्तौल दिखाकर धमकाते और गोली चलाते नजर आया।
सोशल मीडिया पर उठाते थे नशे के खिलाफ आवाज
परविंदर झोटा कथित नशा विक्रेताओं से सवाल-जवाब करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते थे। हत्या से कुछ दिन पहले उन्होंने मानसा में अवैध नशीली दवाओं की बिक्री की जांच कराने के लिए सीबीआई से अपील भी की थी। उनकी हत्या के बाद आक्रोशित निहंग सिखों ने आरोपी के घर और दुकान पर हंगामा किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पहले भी हो चुकी है एक्टिविस्ट की हत्या
पंजाब में नशा-विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों की मौत के मामले पहले भी सामने आए हैं। मई 2026 में फगवाड़ा में आरटीआई एक्टिविस्ट और वकील सिमरनजीत सिंह की गोली मारकर हत्या हुई थी। हालांकि, पुलिस ने शुरुआती जांच में हत्या को उनके चचेरे भाई से जुड़े लेन-देन के विवाद से जोड़ा था और अन्य पहलुओं की भी जांच की थी।
उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी हत्या का नशा-विरोधी अभियान से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए इसे नशा तस्करी के विरोध के कारण हुई हत्या मानना उचित नहीं होगा।
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