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PM मोदी ने दिया ‘We Will Do It’ का नारा, 2047 तक विकसित भारत समेत रखे 5 बड़े लक्ष्य

by | Oct 7, 2026 | Breaking, Trending, देश

PM Modi We Will Do It: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश की विकास महत्वाकांक्षाओं को नई ऊर्जा देने के लिए ‘We Will Do It’ का नारा दिया। सरकार के विभिन्न स्तरों पर नेतृत्व करते हुए 25 साल पूरे होने के मौके पर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने नागरिकों के सामने पांच बड़े लक्ष्य रखे। हर लक्ष्य के बाद मौजूद लोगों ने एक साथ ‘We Will Do It’ का नारा दोहराया।

7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ 25 साल का सफर

7 अक्टूबर 2001 को मोदी ने गुजरात के 14वें मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार शपथ ली थी। उन्होंने केशुभाई पटेल की जगह मुख्यमंत्री पद संभाला था। बुधवार को मोदी ने इस अवसर को सिर्फ अतीत की यादों तक सीमित रखने के बजाय देश के लिए नए संकल्प का दिन बताया।

उन्होंने स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए कहा कि यह समय संकल्प में नई ऊर्जा भरने और बड़े लक्ष्य तय करने का है। उन्होंने कहा कि देश को छोटे या आसान लक्ष्य नहीं, बल्कि अपनी क्षमता के अनुरूप बड़े लक्ष्य रखने चाहिए।

मोदी के 5 बड़े लक्ष्य

मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने के व्यापक लक्ष्य के तहत पांच प्रमुख प्राथमिकताएं गिनाईं—

  • भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना
  • आत्मनिर्भर भारत बनाना
  • भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना
  • ओलंपिक खेलों की मेजबानी करना
  • भारत का अंतरिक्ष में मानव मिशन सुनिश्चित करना

मोदी ने हर लक्ष्य का उल्लेख किया और भीड़ ने ‘We Will Do It’ के जवाब के साथ उनका समर्थन किया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास को असाधारण बताया।

सरकार के सामने चुनौतियों के बीच आया संदेश

मोदी का यह संबोधन ऐसे समय आया है जब सरकार को कई मुद्दों पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। जुलाई में एक बड़े विरोध आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। वहीं SIR के मुद्दे पर प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। CJP और कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्ष ने BJP और CEC के बीच मिलीभगत तथा चुनावों में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।

UGC की अब वापस ली जा चुकी इक्विटी गाइडलाइंस को लेकर भी सामान्य वर्ग में विरोध हुआ। हाल के दिनों में विपक्ष और CJP के प्रदर्शनों ने राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी है। CJP ने मुंबई में बड़ा प्रदर्शन किया, जबकि विपक्ष ने मंगलवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय के पास धरना दिया।

अर्थव्यवस्था और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

भारत फिलहाल दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के समय भारत 10वें स्थान पर था। कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व के संघर्षों से वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा मार्ग प्रभावित हुए, लेकिन मोदी ने भारत की आर्थिक मजबूती को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि पहले संकट के समय भारत की अर्थव्यवस्था की कमजोरी की चर्चा होती थी, जबकि अब उसकी मजबूती और लचीलापन चर्चा में है। उन्होंने ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ और ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ का उल्लेख करते हुए पिछली UPA-2 सरकार पर भी परोक्ष निशाना साधा।

भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य अर्थव्यवस्था को केवल खपत पर निर्भर रहने के बजाय उत्पादन केंद्रित बनाने से जुड़ा है। अप्रैल 2020 में शुरू की गई PLI योजना घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देती है। वहीं आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम करने से जुड़ा है। अगस्त 2026 में भारत का व्यापार घाटा 9.41 अरब डॉलर रहा, जो अगस्त 2025 के 11.62 अरब डॉलर से कम है।

मोदी के मुताबिक, 25 साल की राजनीतिक यात्रा के इस पड़ाव पर तय किए गए सभी लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की व्यापक दिशा का हिस्सा हैं। ‘We Will Do It’ का संदेश इसी लक्ष्य के लिए देश में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास पैदा करने पर केंद्रित रहा।

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