Pramod Tiwari on Gyanesh Kumar: कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है। लखनऊ में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनाव आयोग के रहते उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं है। तिवारी ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
'सिर्फ इस्तीफा लेना काफी नहीं'
आजतक से बातचीत में प्रमोद तिवारी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को केवल पद से हटाना या उनका इस्तीफा लेना पर्याप्त नहीं होगा। उनके खिलाफ 'लोकतंत्र की हत्या' का मुकदमा चलाया जाना चाहिए। तिवारी ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त के दो सहयोगियों ने पिछले 10 महीनों में 14 बार मतभेद जताए हैं। चुनाव आयोग ने हालांकि आंतरिक मतभेदों को संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में मतदान के अधिकार को खतरे में डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई और दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन को कश्मीर से कन्याकुमारी तक ले जाया जाएगा।
मतदान के अधिकार को लेकर सरकार पर निशाना
CJP के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में मिली आजादी का उद्देश्य हर व्यक्ति को अधिकार देना था। उनके मुताबिक, संविधान बनने के बाद मतदान के अधिकार ने राजा और सामान्य नागरिक के बीच का अंतर खत्म कर सभी को बराबरी का अधिकार दिया। तिवारी ने आरोप लगाया कि अब इसी अधिकार को खतरे में डाला जा रहा है। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस, INDIA ब्लॉक और Gen Z मिलकर इसके खिलाफ आंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने बीजेपी पर संविधान बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले संविधान बदलने की बात होती थी, लेकिन अब संविधान को कथित तौर पर चोरी करके बदलने की कोशिश की जा रही है।
आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर दी बधाई
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आराधना मिश्रा मोना को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी उन्हें बधाई देनी चाहिए, क्योंकि आराधना मिश्रा ने अपने करियर की शुरुआत मीडिया से की थी। कांग्रेस ने संगठन में बदलाव करते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
तिवारी ने कहा कि यह उनकी चौथी पीढ़ी है, जिसने एक मिनट के लिए भी कांग्रेस के बाहर सांस नहीं ली है। उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर आराधना मिश्रा को यह जिम्मेदारी मिलने को सौभाग्य की बात बताया।
बीजेपी पर जाति और धर्म के नाम पर बांटने का आरोप
प्रमोद तिवारी ने बीजेपी पर देश, खासकर उत्तर प्रदेश को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की 'प्रयोगशाला' बनाने का आरोप लगाया। उनके बयान में चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदान के अधिकार और संविधान को लेकर कांग्रेस की चिंताएं सामने आईं। हालांकि, चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को तिवारी के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए; इन बयानों से अपने आप किसी तरह की अनियमितता साबित नहीं होती।
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