Rahul Gandhi Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस के कथित बर्ताव को लेकर राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ितों की आपबीती सामने रखी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद के बीच राहुल ने उन लोगों को मीडिया से मिलवाया, जिन्होंने पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि पुलिसकर्मी ने उसे पैसे लेकर प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप लगाकर पीटा गया।
प्रदर्शनकारी बोला- नफरत का जवाब मोहब्बत से दूंगा
एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने उसे बर्बरतापूर्वक हिरासत में लिया और डंडों से पीटा। उसने दावा किया कि यह कार्रवाई आरएसएस और भाजपा के कहने पर की गई। प्रदर्शनकारी ने पुलिस के डंडों के जवाब में अपना डंडा लाने की बात कही। इसके बाद उसने बांसुरी बजाते हुए कहा कि वह नफरत का जवाब मोहब्बत से देगा।
महिला ने पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी के लगाए आरोप
एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान महिला कॉन्स्टेबल ने उसका गला दबाया, नाखूनों से नोचा, थप्पड़ मारा और बाल पकड़कर नीचे गिरा दिया। उसने यह भी दावा किया कि उसकी एक साथी के निजी अंगों पर चोट पहुंचाई गई। पीड़िता के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि कोई नेता उन्हें बचाने नहीं आएगा और न ही एफआईआर दर्ज होगी। केरल के एक अन्य छात्र ने आरोप लगाया कि बस में कई नाबालिग भी थे, जिन्हें रास्ते भर धमकाया गया और उनके परिवारों को हिरासत की जानकारी नहीं दी गई।
राहुल बोले- वक्त आने पर सबका हिसाब होगा
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री उन्हें देखें, ये ही भारत की असली तस्वीर हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से प्रदर्शनकारियों पर हाथ न उठाने की अपील की। राहुल ने कहा कि वक्त आने पर ज्ञानेश कुमार समेत सभी का हिसाब होगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हर घटना का वीडियो बनाकर रखने को भी कहा।
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