Rahul Gandhi SIR Protest: SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी करीब 9 घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें और प्रदर्शन कर रहे कई विपक्षी नेताओं को मौके से हटाया। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग भी धीरे-धीरे हटाई गई।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेंद्र हुड्डा और पवन खेड़ा समेत कई नेताओं को पुलिस ने डिटेन किया। प्रदर्शन स्थल पर भारी हंगामा हुआ और पुलिस प्रदर्शनकारी नेताओं को हटाती नजर आई।
चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं और आयोग को उनसे मिलना ही पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आवाज का अपमान किया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि वे चुनाव आयोग से मिलकर सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि “आपने वोट चोरी की है।” उन्होंने कहा कि उन्हें धरने पर बैठने में कोई परेशानी नहीं है और जितना समय बैठना पड़ेगा, वे बैठेंगे। अगर चुनाव आयोग चाहता है कि वे यहां न बैठें तो दिल्ली में कोई दूसरी जगह बता दे, वे वहां जाकर बैठ जाएंगे।
राहुल गांधी आकाशवाणी भवन के रास्ते से चुनाव आयोग जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें गेट पर रोक दिया गया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल चुनाव आयोग से करीब 200 मीटर दूर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस कार्यकर्ता भी आकाशवाणी भवन के बाहर पहुंच गए। राहुल गांधी ने कहा कि 300 से ज्यादा विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे। उन्होंने सवाल किया कि करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों से चुनाव आयुक्त मुलाकात क्यों नहीं कर रहे हैं और पुलिस उन्हें रोककर धमकी क्यों दे रही है।
अखिलेश यादव ने CEC के इस्तीफे की मांग की
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में फोर्स के जरिए बूथ लूटा गया और उत्तर प्रदेश में भी ऐसा हुआ। अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और संविधान के तहत काम नहीं कर रहा। उनके मुताबिक, बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से चुनाव आयोग उसके लिए काम कर रहा है। उन्होंने उपचुनाव में भी धांधली का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी घबराई हुई है।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज भी लहराया। समाजवादी पार्टी सांसद जिया-उर-रहमान बर्क अपने साथियों के साथ नीति आयोग के पास पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए।
PDA वोटरों के नाम हटाने का आरोप
सपा सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि PDA वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि EC की वेबसाइट से डाउनलोड किए गए 15 हजार वोटर रिकॉर्ड पेश किए गए थे, लेकिन आयोग या सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। सपा सांसद इकरा हसन भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 14 बार आम सहमति से फैसला नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले दिन से कह रहा है कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
भारी सुरक्षा के बीच प्रदर्शन
निर्वाचन सदन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, डी. राजा और INDIA ब्लॉक के अन्य वरिष्ठ नेता आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘वोट चोर’ के नारे लगा रहे थे। पहला बैरिकेड संसद भवन से करीब 400 मीटर की दूरी पर लगाया गया था। मौके पर बसें, पैरामिलिट्री फोर्स और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। NSUI और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी पहुंचे और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था के लिए 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इनमें पुरुषों की 27 और महिलाओं की 4 कंपनियां शामिल हैं। संसद भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट गोलचक्कर और निर्वाचन सदन समेत प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बल लगाए गए। RAF के जवान भी मौजूद रहे। पुलिसकर्मी बॉडी कैमरा लगाकर ड्यूटी कर रहे हैं और DCP सचिन शर्मा भी बॉडी कैमरे के साथ तैनात रहे।
ट्रैफिक डायवर्जन, संजय राऊत का हमला
मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। कनॉट प्लेस, पटेल चौक-मुख्य डाकघर, विंडसर प्लेस-मुख्य डाकघर, अशोक रोड, जंतर-मंतर रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन किया गया।
शिवसेना-UBT सांसद संजय राऊत भी मार्च में शामिल होने दिल्ली पहुंचे। उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाने पर सवाल उठाया। राऊत ने कहा कि विपक्ष के पास कोई हथियार नहीं है और वे सिर्फ चुनाव आयोग जाकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना चाहते हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को “देश का दुश्मन” तक बताया।
AAP ने मार्च से बनाई दूरी
आम आदमी पार्टी ने INDIA ब्लॉक के इस मार्च से दूरी बनाई। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी SIR के खिलाफ अपनी लड़ाई खुद लड़ रही है और इस मार्च में शामिल नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि SIR को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं और पार्टी इसे लोगों व देश से जुड़ा मुद्दा मानती है। उनके मुताबिक, CJP और अन्य संगठन भी विरोध कर रहे हैं, लेकिन यह INDIA गठबंधन का प्रदर्शन है, इसलिए AAP इसमें शामिल नहीं हुई और अपनी लड़ाई अलग तरीके से लड़ रही है। वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस या किसी अन्य विपक्षी दल की ओर से बैठक के लिए आयोग को कोई अनुरोध नहीं मिला है।
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