Wednesday, Sep 30

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सौरभ राजपूत मर्डर केस: 576 दिन बाद आज आएगा फैसला, मुस्कान और साहिल की सजा पर टिकी नजरें

Meerut Crime News: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज यानी 30 सितंबर को अदालत अपना फैसला सुनाने वाली है। करीब 576 दिनों से चल रहे इस मामले में आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की सजा को लेकर सभी की नजरें जिला अदालत के फैसले पर टिकी हैं। मामले की जांच और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कई अहम सबूत और गवाह पेश किए।

सुनियोजित तरीके से हत्या का आरोप

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या के लिए पहले से तैयारी की गई थी। आरोप है कि वारदात से पहले चाकू, नीला ड्रम, सीमेंट और बालू की व्यवस्था की गई। हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर ड्रम के अंदर रखा गया और सीमेंट-बालू से उसे बंद कर दिया गया। इसी वजह से यह मामला ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चित हुआ।

13 महीने में 126 दिन हुई सुनवाई

जुलाई 2025 से जिला जज की अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। करीब 13 महीनों के दौरान अदालत में 126 दिन सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने अपने मामले को मजबूत करने के लिए कुल 22 गवाह पेश किए।

किन गवाहों के बयान रहे अहम?

सौरभ के दोस्त बबलू: गवाही के दौरान बबलू ने बताया कि सौरभ को अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका थी और उसे अपनी पत्नी पर भी संदेह था।ड्रम, चाकू और निर्माण सामग्री के दुकानदार: जांच में जिन दुकानदारों से नीला ड्रम, चाकू, सीमेंट और बालू खरीदे जाने की बात सामने आई, उन्हें भी अदालत में गवाही के लिए पेश किया गया। इन गवाहों ने आरोपियों की पहचान किए जाने की बात कही।

टूर एंड ट्रैवल्स के ड्राइवर: शिवा टूर एंड ट्रैवल्स से जुड़े ड्राइवर ने कथित तौर पर हत्या के बाद आरोपियों के शिमला और मनाली जाने से संबंधित जानकारी अदालत के सामने रखी।

डॉक्टर की गवाही: मामले में नींद की दवाइयों से जुड़ी जानकारी देने वाले डॉक्टर का बयान भी अभियोजन के लिए महत्वपूर्ण रहा। आरोप है कि मुस्कान ने डॉक्टर से दवाइयां लिखवाई थीं।

आज सुनाया जाएगा फैसला

अब 30 सितंबर को जिला अदालत इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुनाएगी। 576 दिनों के घटनाक्रम, 126 सुनवाई और 22 गवाहों के बयानों के बाद अदालत का निर्णय यह तय करेगा कि मुस्कान और साहिल के खिलाफ आरोप किस हद तक साबित होते हैं और उन्हें क्या सजा दी जाती है।