Saurav Das Ashutosh Ranka Court: दिल्ली की SEM कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संस्थापक सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत दो दिन बढ़ा दी है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने दोनों के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे कानून के प्रति सम्मान की कमी दिखाई देती है। साथ ही, कोर्ट ने शांति भंग होने की आशंका को लेकर भी चिंता जताई।
शांति भंग होने की आशंका पर कोर्ट की चिंता
कोर्ट ने कहा कि डी-नोटिफाइड इलाकों में विरोध-प्रदर्शन का आह्वान करना दोनों की आदत को दर्शाता है। एसईएम रितु राज ने कहा कि जांच अधिकारी की अर्जी के साथ रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री शांति भंग होने और व्यवधान पैदा होने की गंभीर आशंका जताती है। इन चिंताओं को बिना उचित विचार के खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि दोनों के पिछले आचरण को देखते हुए भरोसा नहीं किया जा सकता कि वे भविष्य में ऐसा दोबारा नहीं करेंगे।
जमानतदारों को भी कोर्ट ने अयोग्य माना
कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर से पेश किए गए जमानतदारों को अयोग्य मानते हुए खारिज कर दिया। एक जमानतदार के बॉन्ड पर लगी तस्वीर और आधार कार्ड की तस्वीर में अंतर पाया गया। वह कोई दूसरा वैध पहचान पत्र भी पेश नहीं कर सका और सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। वहीं, दूसरा जमानतदार दास की बुनियादी जानकारी तक नहीं बता सका। कोर्ट ने कहा कि दोनों जमानतदारों का याचिकाकर्ताओं पर कोई नियंत्रण नहीं है।
सौरव दास और आशुतोष रांका 13 अक्टूबर की सुबह अपने 11 साथियों के साथ एक निजी परिसर के रास्ते जंतर-मंतर पहुंचे और वहां तिरंगा लहराया। केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर को निर्धारित विरोध स्थलों की सूची से हटा दिया था, जिसके बाद यहां प्रदर्शन करने पर रोक थी।
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