SSR Voter List Update: एसएसआर की प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने अब मतदाता सूचियों को अपडेट करने की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने जा रहा है। इस सूची में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर जैसे राज्य शामिल हैं, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और जरूरी संशोधन करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दिसंबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्तियां
चुनाव आयोग के मुताबिक, 2 नवंबर तक पोलिंग बूथों का पुनर्संयोजन पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस सूची पर 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। आयोग ने आपत्तियों के निपटारे के लिए 28 दिसंबर तक का समय तय किया है। इसके बाद 4 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
राजनीतिक दलों को पढ़ने योग्य PDF में मिलेगी वोटर लिस्ट
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग ने एक अहम बदलाव करते हुए राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियों की सॉफ्ट कॉपी देने का फैसला किया है। अब मसौदा और अंतिम मतदाता सूचियां बिना फोटो के ‘इमेज PDF’ के बजाय पढ़ने योग्य PDF प्रारूप में उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, मशीन से पढ़ी जा सकने वाली मतदाता सूची की विपक्षी दलों की मांग को आयोग ने फिलहाल खारिज कर दिया है।
युवाओं के नाम जोड़ने और वोटर लिस्ट में सुधार पर जोर
एसएसआर के मसौदा चरण में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े दस्तावेज मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा किए जाएंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार वोट देने वालों के नाम जोड़ना और मतदाता सूची की गलतियां सुधारना है। असम में कानूनी कारणों से एसआईआर के बजाय विशेष पुनरीक्षण कराया गया है। वहीं, इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर निशाना साधा।
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