Saturday, Oct 03

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पंजाब चुनाव से पहले सुखवीर मैसरखाना पर गिरी गाज, AAP ने पार्टी से किया निष्कासित; झूठी अफवाह फैलाने का आरोप

Sukhveer Maiserkhana AAP Expulsion: पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने मौर से अपने विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना के खिलाफ कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निलंबित/बाहर करने की कार्रवाई की, जिसमें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का हवाला दिया गया।

यह कार्रवाई उस समय हुई, जब मैसरखाना ने सोशल मीडिया पर करीब 14 मिनट का लाइव वीडियो जारी कर अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था। वीडियो में वह भावुक भी नजर आए।

'बच्चों की पढ़ाई से बढ़कर क्या है?'

मैसरखाना ने दावा किया था कि वह लंबे समय से शिक्षकों की नियुक्ति का मुद्दा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सामने उठा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा था कि अपने बच्चों से स्कूल में पढ़ाई के बारे में पूछने पर उन्हें शिक्षकों की कमी की जानकारी मिलती है। विधायक के मुताबिक, स्कूल की प्रिंसिपल भी स्टाफ की कमी दूर करने की मांग कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहे तो उनका टिकट काट सकती है, लेकिन वह बच्चों की शिक्षा का मुद्दा उठाते रहेंगे। उन्होंने बुर्ज सहीमा गांव के एक सरकारी स्कूल को अपग्रेड न किए जाने का मुद्दा भी उठाया था।

हालांकि, जिस स्कूल का उन्होंने वीडियो में जिक्र किया था, वहां पहले से 25 शिक्षक होने की जानकारी सामने आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि किन विषयों या पदों पर कमी थी।

रवनीत बिट्टू ने भी सरकार पर उठाए सवाल

विधायक के वीडियो के बाद भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने AAP सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वीडियो से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठते हैं। बिट्टू ने दावा किया कि विद्यार्थियों ने कई विषयों में शिक्षकों की कमी की बात कही है और सरकार से खाली पद भरने की मांग की। AAP ने इसी विवाद के बीच मैसरखाना पर पार्टी विरोधी गतिविधियों, कथित झूठी अफवाह फैलाने और संगठन की छवि खराब करने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की है। हालांकि, पार्टी की ओर से कार्रवाई के विस्तृत आधार की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

पार्टी कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

मैसरखाना ने अपने वीडियो में शिक्षा को प्राथमिक मुद्दा बताते हुए अपनी ही सरकार से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की थी। उनके खिलाफ कार्रवाई के बाद यह मामला पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

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