पितृ पक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान किया जाता है। इस बार 30 सितंबर 2026, बुधवार को चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन किया जा रहा है। बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होने के कारण यह दिन...