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दिल्ली के बाद कोलकाता में भी हंगामा, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर TMC का प्रदर्शन

by | Oct 13, 2026 | Trending

TMC Protest Against Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली के बाद अब कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। मंगलवार को राजाबाजार इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। TMC की योजना राजाबाजार से पार्क सर्कस तक मार्च निकालने की थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राजाबाजार में ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

राजाबाजार में प्रदर्शन, पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोका

TMC कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बीजेपी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। पार्टी का कहना था कि वह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रही है, लेकिन पुलिस ने मार्च को निर्धारित रास्ते पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस मामले में TMC विधायक कुणाल घोष ने दावा किया कि मार्च आयोजित करने वाले पार्टी के छात्र और युवा संगठनों ने ईमेल के जरिए पुलिस को पहले ही इसकी जानकारी दे दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह से ही पुलिस और केंद्रीय बलों ने सड़क पर रोक लगानी शुरू कर दी थी और प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को भी रोका जा रहा था। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि TMC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही है और बीजेपी को इससे परेशानी हो रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए कथित वोट चोरी का आरोप भी लगाया।

कोलकाता पुलिस ने कहा- रैली की कोई सूचना नहीं मिली

दूसरी ओर, कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने कहा कि अधिकारियों को रैली के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली थी। लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी रैली की जानकारी नहीं है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि किसी भी रैली के आयोजन के लिए लिखित आवेदन देना जरूरी है। आयोजकों को प्रस्तावित मार्ग, संभावित भीड़ और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में भी अधिकारियों से चर्चा करनी होती है। उन्होंने कहा कि केवल पोस्टर देखकर रैली की अनुमति के संबंध में फैसला नहीं लिया जा सकता और इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है। इस तरह रैली की सूचना देने को लेकर TMC और पुलिस के दावों में अंतर सामने आया है। जहां कुणाल घोष ने ईमेल के जरिए जानकारी देने की बात कही, वहीं पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उनके पास रैली के संबंध में कोई सूचना नहीं थी।

शुभेंदु अधिकारी के बयान से भी बढ़ा विवाद

इस प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और TMC के बीच भी जुबानी जंग देखने को मिली। शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को तंज कसते हुए कहा था कि TMC ने रैली के लिए बहुत अच्छी जगह चुनी है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच रैली की अनुमति न दी जाए। शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि रैली को राजाबाजार से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बलों की तैनाती की बात भी कही थी। उनके इस बयान के बाद TMC ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

TMC ने पूछा- यह लोकतंत्र है या मजाक

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बयान पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि विरोध मार्च की अनुमति नहीं देने की बात क्यों कही जा रही है। पार्टी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केंद्रीय बलों की तैनाती की चेतावनी पर भी सवाल खड़े किए। TMC ने अपने बयान में आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक माहौल परेशान करने वाला होता जा रहा है। पार्टी ने इसे सत्ता के अत्यधिक प्रदर्शन और भारतीय संविधान की भावना की अवहेलना से जोड़ते हुए विरोध जताया। उसने यह भी कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ओर से इस तरह के बयान देना चिंताजनक है।

चुनावी प्रक्रिया को लेकर तेज हुई सियासी लड़ाई

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कोलकाता में हुआ यह प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है, जब चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। TMC ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध तेज किया है, जबकि पुलिस का कहना है कि रैली के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।

फिलहाल, राजाबाजार से पार्क सर्कस तक मार्च रोकने और उसकी अनुमति को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल में TMC और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और चर्चा में ला दिया है।

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