Trump France Student Protest: फ्रांस की राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में जारी छात्रों के प्रदर्शन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिएक्शन सामने आया है। ट्रंप ने इन प्रदर्शनों को बड़े पैमाने पर माइग्रेशन से जोड़ते हुए दावा किया कि यह सिर्फ स्कूलों से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि ‘इस्लाम फ्रांस पर कब्जा करना चाहता है।’ ट्रंप ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिया, जिस दिन फ्रांस के 40 से अधिक शहरों में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन हुए।
ट्रंप ने छात्रों के आंदोलन को माइग्रेशन से जोड़ा
ट्रंप ने फ्रांस में जारी छात्र आंदोलन को शिक्षा से जुड़ी मांगों से अलग नजरिए से पेश किया। उन्होंने X पर इसे ‘बेकाबू बड़े पैमाने पर प्रवासन’ का नतीजा बताया और कहा कि मामला सिर्फ स्कूलों का नहीं, बल्कि ‘इस्लाम द्वारा फ्रांस पर कब्जे’ से जुड़ा है। वहीं, प्रदर्शनकारियों की घोषित मांगों में अधिक शैक्षणिक संसाधन, शिक्षकों की भर्ती, स्कूल भवनों का नवीनीकरण और उच्च शिक्षा के लिए ज्यादा फंडिंग शामिल हैं।
शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शन
यूरोपीय देश फ्रांस में छात्र स्कूलों और विश्वविद्यालयों की खराब स्थिति, शिक्षकों की कमी और शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। सितंबर में पेरिस क्षेत्र से शुरू हुआ आंदोलन 6 अक्टूबर तक 30 से ज्यादा शहरों में फैल गया। कई जगह ट्रेड यूनियन और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्र शिक्षा व्यवस्था में कई सुधारों की मांग कर रहे हैं। इनमें पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, अनुपस्थित शिक्षकों की जगह तत्काल वैकल्पिक शिक्षक उपलब्ध कराना और कक्षाओं में छात्रों की संख्या कम करना शामिल है। छात्र पुराने व असुरक्षित स्कूल भवनों के नवीनीकरण, बेहतर किताबों और शिक्षण सामग्री के साथ नर्स व सोशल वर्कर्स जैसे सपोर्ट स्टाफ बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा में सीटें और फंडिंग बढ़ाने की मांग भी उठाई जा रही है।
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