Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिशों को सफलता नहीं मिलने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निराश और गुस्से में हैं। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह बात कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन को सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी देने की अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
यूक्रेन को मदद रोकने के आरोपों पर सफाई
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध को जल्द खत्म करना चाहता है, क्योंकि इसमें लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है। उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों को गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका यूक्रेन को जानबूझकर नुकसान पहुंचा रहा है। रुबियो के मुताबिक, करीब दो साल से जारी कोशिशों के बावजूद शांति वार्ता में प्रगति नहीं होने से ट्रंप निराश हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी देने के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यूक्रेन की ओर से रूसी हवाई हमलों के दौरान खुफिया जानकारी नहीं मिलने के दावों पर भी रुबियो ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि 13 और 18 अक्टूबर की घटनाएं तकनीकी कारणों से हुई थीं, न कि अमेरिका के किसी निर्देश के कारण। उनके मुताबिक, यूक्रेन को पहले की तरह चेतावनी और खुफिया जानकारी दी जा रही है।
युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत पर जोर
रुबियो ने कहा कि युद्ध के कारण हर महीने भारी संख्या में रूसी सैनिक मारे जा रहे हैं और यूक्रेन का बिजली ढांचा तबाह हो रहा है। आम नागरिकों की जान भी जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि यह संघर्ष दूसरे क्षेत्रों में भी फैल सकता है। उन्होंने वैश्विक ईंधन संकट का जिक्र करते हुए कहा कि डीजल की किल्लत कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए खतरा बन रही है। रुबियो के अनुसार, ट्रंप शुरू से मानते हैं कि बातचीत के जरिए ही युद्ध खत्म किया जा सकता है। अमेरिका लगातार दोनों पक्षों को समझौते की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है।
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