Udaipur Trip: राजस्थान की खूबसूरती सिर्फ उसके किलों और महलों तक सीमित नहीं है. उदयपुर में एक ऐसा शाही महल भी है, जो पानी के बीच अपनी भव्यता के लिए दुनियाभर में मशहूर है. सफेद संगमरमर से बना लेक पैलेस, जिसे जग निवास के नाम से भी जाना जाता है, पिछोला झील के बीच स्थित है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां पहुंचने के लिए सड़क का रास्ता नहीं, बल्कि नाव का सहारा लेना पड़ता है.
शाही परिवार के लिए बनाया गया था महल
लेक पैलेस का निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराणा जगत सिंह द्वितीय ने करवाया था. करीब 1743 से 1746 के बीच तैयार हुआ यह महल मूल रूप से शाही परिवार के लिए गर्मियों में रहने की जगह के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था.
समय के साथ इस ऐतिहासिक इमारत को लग्जरी होटल में तब्दील कर दिया गया. आज यह ताज लेक पैलेस के नाम से जाना जाता है और यहां आने वाले मेहमान नाव के जरिए महल तक पहुंचते हैं.
नाव की सवारी बनाती है सफर खास
लेक पैलेस तक पहुंचने का सफर भी किसी आकर्षण से कम नहीं है. पिछोला झील के पानी पर नाव आगे बढ़ती है और चारों तरफ अरावली की पहाड़ियां, पुराने महल और उदयपुर की ऐतिहासिक इमारतें दिखाई देती हैं.
झील के बीच स्थित यह महल धीरे-धीरे करीब आता है, जिससे पूरा सफर बेहद खूबसूरत नजर आता है. इसी झील में जग मंदिर भी स्थित है, जबकि सिटी पैलेस झील के किनारे मौजूद है.
संगमरमर और शाही वास्तुकला की झलक
राजस्थान पर्यटन से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, लेक पैलेस की वास्तुकला में काले और सफेद संगमरमर का आकर्षक इस्तेमाल देखने को मिलता है. महल में खूबसूरत आंगन, बगीचे, फव्वारे, स्तंभों वाले बरामदे और अर्ध-कीमती पत्थरों से सजावट की गई है.
महल की बनावट इस तरह की गई है कि यहां सुबह की धूप का खूबसूरत नजारा देखा जा सके. झील के पानी और सफेद संगमरमर की इमारत का मेल इसे उदयपुर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करता है.
पिछोला झील भी है बेहद खास
उदयपुर को अक्सर झीलों और महलों का शहर कहा जाता है और पिछोला झील इसकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह झील 14वीं शताब्दी में अस्तित्व में आई थी. बाद में महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने इसका विस्तार कराया.
महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने ही 1553 में उदयपुर शहर की स्थापना की थी. आज पिछोला झील, इसके आसपास मौजूद महल और अरावली की पहाड़ियां मिलकर उदयपुर को राजस्थान के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में शामिल करती हैं.

