उत्तर प्रदेश के निर्यात क्षेत्र ने बीते एक दशक में बड़ी छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, प्रदेश का कुल निर्यात करीब 2.27 गुना बढ़कर ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश देश का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने भदोही के कालीन उद्योग को प्रदेश की इस उपलब्धि में अहम योगदान देने वाला क्षेत्र बताया।
दुनिया में बढ़ी भदोही के कालीन की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रदेश के विकास और निर्यात से जुड़ी उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि भदोही के कारीगरों ने अपनी मेहनत और हुनर से हाथ से बने कालीनों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया है।
सीएम के मुताबिक, वर्ष 2017 से पहले कारीगरों के सामने सुविधाओं और अवसरों की कमी थी, लेकिन अब सरकार की योजनाओं के जरिए स्थानीय हुनर को बाजार और वैश्विक मंच से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। भदोही के हस्तनिर्मित कालीनों की दुनियाभर में मजबूत मांग है और यह उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कारीगरी की पहचान बन चुके हैं।
‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ में उद्योग से संवाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेले ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ के स्वर्ण जयंती संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, कारोबारियों और उद्यमियों के साथ संवाद भी किया जाएगा।
सरकार का फोकस कारीगरों को बेहतर अवसर देने, कारोबार का विस्तार करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते तैयार करने पर है। भदोही को पारंपरिक विरासत और आधुनिक विकास के मेल का उदाहरण बताया गया है।
भदोही समेत तीन विधानसभा क्षेत्रों को बड़ी सौगात
कार्यक्रम के दौरान भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों में ₹1,340 करोड़ से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किए जाने की बात कही गई है। इसके साथ ही अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी हितलाभ प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार से जोड़ते हुए कारीगरों, उद्यमियों और युवाओं को विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

